प्रो गोपाल प्रसाद, पूर्व नियंता गोरखपुर विश्वविद्यालय
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के राजनीति शास्त्र के वरिष्ठ प्रोफेसर और पूर्व नियंता प्रो. गोपाल प्रसाद ने उनके खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जांच कराए जाने को सरासर गलत करार दिया है। जांच और नोटिस पर चेतावनी दी है कि यदि जरूरत पड़ी तो जल्द ही बड़े खुलासे करूंगा।
उन्होंने कहा कि मेरे पद पर रहते हुए सब ठीक था। पद छोड़ते ही जांच और नोटिस थमा दिया गया। पद पर रहते हुए मैंने अपने दायित्वों का निर्वहन किया, यह नोटिस और जांच उसी का रिवार्ड है। उन्होंने प्रशासन के बजाय मीडिया को इस्तीफा भेजने के सवालों पर कहा कि मैंने कुलपति को व्हाट्सएप और ईमेल से अपना इस्तीफा भेजा था। उसके बाद उनके पीए को भेजा था। मंगलवार को मैंने दोपहर में इस्तीफे की हार्डकॉपी कुलपति कार्यालय में रिसीव करा दी थी। जब मैं दर्शनशास्त्र का विभागाध्यक्ष ही नहीं था तो मैं मीटिंग में क्यों जाता? मंगलवार को मेरी तबीयत ठीक नहीं लग रही थी, इसलिए सीएल लिया था।