उत्तर प्रदेश के नौ मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन अवसर पर सोमवार को जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के पहले ही नहीं बल्कि आजादी के बाद भी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव था। पूर्वी उत्तर के मासूम और नागरिक स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में असमय दम तोड़ देते थे। अब स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में मासूमों की मौत नहीं होगी।
जनसभा में सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के नौ मेडिकल कॉलेज का उन मासूमों के लिए प्रति सच्ची श्रद्घांजलि होगी जिन्होंने इलाज के अभाव में अपनी जान गवां दी थी, जबकि लोगों को भी संतुष्टि होगी कि स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में मासूमों की मौत नहीं होगी। सीएम ने कहा कि मुझे याद है कि कैसे इंसफेलाइटिस से मौतें होती थी, दिमागी बुखार से बच्चे की मौत हो जाती थी। सिद्धार्थनगर भी इस बीमारी से प्रभावित रहा है।
सभी जिलों में इंसेफेलाइटिस इलाज के सेंटर, पीडियाट्रिक आईसीयू की सुविधा और स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत हर घर में शौचालय, शुद्घ पेयजल आपूर्ति के माध्यम इंसेफेलाइटिस 95 प्रतिशत नियंत्रण होगा। उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में भर्ती हो रही है। हमारे युवा चिकित्सक बनकर समाज में योग्य सेवाएं देंगे। सरकार ने कोरोना काल में नि:शुल्क उपचार, वैक्सीन और रोजगार दिया। प्रधानमंत्री अन्न योजना के अंतर्गत पर्याप्त राशन भी दिया।
मंच पर स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी, सांसद जगदंबिका पाल, जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह, राज्य सभा सदस्य बृजलाल, शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी, विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह एवं चौधरी अमर सिंह उपस्थित थे।
30 मेडिकल कॉलेज खुलेंगे
सीएम योगी ने कहा कि 1947 के पहले उप्र में 3-4 मेडिकल कॉलेज थे, उस समय उत्तराखंड भी उप्र का हिस्सा था। आजादी से वर्ष 213 तक प्रदेश में 12 मेडिकल कॉलेज थे जबकि, वर्ष 2019 से अब तक प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज बनाने का कार्य तेजी से कार्य हो रहा है। सात मेडिकल कॉलेज में प्रवेश शुरू हो चुका है। एनएमसी से मान्यता प्राप्त होने के बाद आज नौ मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन हो रहा है, जबकि 14 मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दुनिया के सामने न केवल एक भारत श्रेष्ठ भारत बल्कि स्वस्थ्य भारत, समर्थ भारत के रूप में प्रस्तुत किया है। एक नहीं बल्कि दो स्वदेशी वैक्सीन देकर 100 करोड़ लोगों को मुफ्त वैक्सीन देकर कोरोना का सुरक्ष कवच दिया गया है।कोरोना महामारी के दौर में प्रधानमंत्री ने भारत के जीवन और जीविका को आदर्श स्थिति में रखते हुए सुरक्षा देने का कार्य किया है।