गोरखपुर-लखनऊ रेल खंड स्थित बस्ती गोविंद नगर रेलवे स्टेशन के बीच बनकटा ओवर ब्रिज के पास ट्रेन की चपेट में आकर मृत युवक-युवती की पहचान हो गई है। इनकी पहचान वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के धमौरा गांव निवासी धीरज पुत्र रामजीत 20 वर्ष व इसी गांव की शिल्पा पुत्री उमा प्रसाद 20 वर्ष के रूप में हुई है।
दोनों की एक साथ हुई मौत गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है। दोनों का घर एक दूसरे के मकान से सटा हुआ है। दोनों के घर के लोगों को इनके संबंध की जानकारी भी नहीं थी। रविवार देर रात दोनों चैनपुरा ओवर ब्रिज के नीचे रेल की पटरी पर मालगाड़ी की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई थी।
सोमवार सुबह दोनों के परिवार वालों को सोशल मीडिया पर चल रही उनकी फोटो के बारे में जानकारी हुई। फोटो देखा तो घर में कोहराम मच गया। परिवार वालों का कहना है कि रविवार देर रात तक काफी खोजबीन की थी। युवती की मां पिछले एक माह से अपने मायके गोंडा जिले के घुसवा गांव में गई हुई थी। जबकि पिता उमा प्रसाद पीआरडी के जवान हैं। वह घर पर पिता उमा प्रसाद व छोटे भाई मोहित के साथ रहती थी।
गांव में होती रही चर्चा
पिता उमा प्रसाद ड्यूटी करने चले जाते थे, जबकि भाई मोहित गांव के प्राइमरी में पढ़ने चला जाता था। वहीं, गांव वालों का कहना है कि धीरज की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। इसलिए वह घर पर ही रहता था। बड़े भाई अजय शादी शुदा हैं, उसके बाद अमर, बंटी व सबसे छोटा धीरज था। मृतक की भाभी पूनम अपने तीन बेटियों, ससुर व तीन देवर के साथ रहती हैं।
पति पत्नी जिम्मेंदारियों के बोझ तले दबे रहते थे। मृतक की भाभी पूनम ने बताया कि धीरज देर शाम छह बजे तक घर के बाहर चारपाई पर बैठे थे। सिर में दर्द के कारण वह घर में लेटी थी। देर शाम मजदूरी करके लौटे पति व घर के अन्य देवरों ने पूछा कि धीरज कहा गया। बताने पर कि वह कहीं नहीं दिख रहा तो सभी लोग देर रात्रि के बाद ढूढना शुरू किए, लेकिन कहीं पता नहीं चल पाया।
उधर पुरानी बस्ती पुलिस दोनों के शवों को देर रात रेल पटरी से उठाकर मर्चरी में रखवा दिया और सोशल मीडिया के माध्यम से पता लगवाने में जुट गई। सोमवार को सुबह दोनों शव का शिनाख्त हुआ। थानाध्यक्ष ब्रजेंद्र पटेल ने बताया कि ट्रेन की चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई। शवों का पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना की जांच की जा रही है।