गोरखपुर जिले के गोरखनाथ इलाके के ग्रीन सिटी से लापता जूही अग्रवाल उर्फ यासमीन फातिमा व उनके चार साल के बच्चे विनायक अग्रवाल का अपहरण नहीं हुआ था। जूही पति की प्रताड़ना से नाराज होकर अपने रिश्तेदार के घर बच्चे को लेकर चली गईं थीं। उन्होंने पुलिस को दिए गए बयान में पति पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, गोरखनाथ निवासी जूही अग्रवाल और उनका चार वर्षीय पुत्र विनायक 15 सितंबर को दोपहर करीब तीन बजे घर से निकले थे। तभी से दोनों लापता थे। घरवालों की सूचना पर गोरखनाथ पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर लिया और नंबर जारी कर लोगों से मदद भी मांगी।
पुलिस की जांच में एक सीसीटीवी फुटेज हाथ लगा जिसमें जूही और बच्चा एक बाइक पर बैठकर जाते दिखे थे। जांच कर पुलिस बाइक सवार तक पहुंच गई। पता चला कि युवक ने मदद के तौर पर बाइक पर बैठाकर महिला और बच्चे को जलभराव पार कराया था। इसके बाद पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तो पता चला कि महिला देवरिया में है।
सूचना पर पुलिस महिला को रिश्तेदारी लेकर गोरखनाथ थाने आई थी। गोरखनाथ इंस्पेक्टर रामज्ञा सिंह ने बताया कि महिला ने पुलिस को बताया है कि वह पति की प्रताड़ना से परेशान होकर घर छोड़कर चली गई थीं। वह आजमगढ़ गईं और फिर देवरिया में अपने रिश्तेदार के यहां पर थीं। महिला का बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।