गोरखपुर कलेक्ट्रेट के गेट पर जुटी भीड़। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
सर्वर खराब होने से जिले के सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में सोमवार को जमीन, मकान की रजिस्ट्री आदि का काम प्रभावित रहा। बैनामा कराने पहुंचे कई लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा तो वहीं विभाग की भी आय बाधित हुई। मुख्यालय स्थित उप निबंधक कार्यालय प्रथम में अधिवक्ताओं ने हंगामा किया। तोड़फोड़ भी हुई। विभाग के अफसरों ने एडीएम फाइनेंस को इसकी सूचना दी, जिसपर पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ।
सोमवार की सुबह 10 बजे कार्यालय खुलते ही सर्वर खराब हो गया। दोपहर तीन बजे तक एक भी बैनामा नहीं हो सका। इससे मुख्यालय के दोनों उप निबंधक के कार्यालय समेत सभी तहसीलों में रजिस्ट्री कराने पहुंचे 200 से अधिक लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। तीन बजे सर्वर ठीक हुआ तो पहले रजिस्ट्री कराने के लिए कुछ अधिवक्ताओं और क्रेता-विक्रेता ने हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि उप निबंधक प्रथम के कार्यालय की खिड़की भी टूट गई। आनन-फानन में उप निबंधक ने इसकी सूचना एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह को दी। उन्होंने मौके पर पुलिस भेजी, जिसके बाद हंगामा शांत हुआ।
उधर भ्रष्टाचार मामले में सख्ती के बाद सभी निजी कर्मचारियों के रजिस्ट्री कार्यालय से भाग खड़े होने की वजह से पिछले सप्ताह भर से विभाग में कर्मचारियों का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कलेक्ट्रेट मुख्यालय स्थित उप निबंधक प्रथम व द्वितीय दोनों कार्यालयों से रोजाना जमीन का बैनामा कराने वाले 25 से 30 लोग बिना काम हुए लौट जा रहे हैं। इसके अलावा भी विभाग के कई अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं। आय प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए एआईजी स्टांप कमलेश शुक्ला और डीआईजी स्टांप केपी पांडेय ने शासन में आईजी स्टांप को दूसरी बार पत्र लिखकर अतिरिक्त कर्मचारियों की मांग की है।
उप निबंधक प्रथम योगेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश मुख्यालय से ही सर्वर खराब होने की वजह से दोपहर तीन बजे तक संपत्तियों की रजिस्ट्री का काम प्रभावित रहा। तीन बजे सर्वर ठीक हुआ तो कुछ रजिस्ट्री हुई। इस दौरान कुछ अधिवक्ताओं ने पहले रजिस्ट्री कराने के लिए हंगामा किया। अधिवक्ताओं के आपस की धक्का-मुक्की में एक खिड़की भी टूट गई। हालांकि समझाने के बाद वे शांत हो गए।