केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एंटी करप्शन शाखा ने सोमवार को भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) गोरखपुर के मुख्य कार्यालय पर छापा मारा। शास्त्री चौक स्थित कार्यालय में कई घंटे तक छानबीन की गई। एजीएम सेल्स अजय कुमार को हिरासत में लेकर कार्यालय में ही पूछताछ की जा रही है। ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाकर इंटरनेट कनेक्शन देने वाली फर्म से कमीशन मांगने के आरोपों के बाद जांच एजेंसी ने कार्रवाई की है।
उधर, सीबीआई की टीम ने देर रात बीएसएनएल के प्रधान महाप्रबंधक को पत्र लिखा और एजीएम अजय कुमार को हिरासत में लेने की जानकारी दी है। यह भी कहा है कि कमीशनबाजी से संबंधित साक्ष्य भी मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, अब तक की पूछताछ और जांच में जो बात सामने आई है उसमें कुछ और अफसरों और कर्मचारियों के नाम सामने आ सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक, आईटी फर्म सैप आई सॉल्यूशन ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछा रही है। साल 2020 से काम चल रहा है। आरोप है कि कंपनी ने जो काम किया, उसका भुगतान एजीएम ने नहीं किया। भुगतान से संबंधित बिल रोक दिया और दस फीसदी कमीशन मांगा।
कंपनी के कर्मचारी दुर्गेश प्रताप सिंह ने एजीएम से संपर्क किया। दुर्गेश ने लंबे समय से बिल न पास करने का मामला उठाया और भुगतान कराने की मांग रखी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद फर्म प्रबंधन ने मामले की जानकारी केंद्र सरकार और सीबीआई को दे दी।
गोरखपुर बीएसएनएल जीएम विद्यानंद ने कहा कि सीबीआई की टीम एजीएम सेल्स अजय कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मामले से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं। जांच में सहयोग किया जा रहा है।