उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बालिका गृह कांड की जांच कर रही निमहांस और सीबीआई की टीम शुक्रवार को जिले से रवाना हो गई। करीब एक सप्ताह तक जिला पंचायत परिसर के डाक बंगले व शहर के एक होटल में रुकी रही दोनों टीमों ने घटना से संबंधित किशोरियों को बारी-बारी से बुलाकर इसके संबंध में आवश्यक जानकारी ली।
राष्ट्रीय मानसिक जांच एवं न्यूरो विज्ञान संस्थान (निमहांस) बंगलुरू की छह सदस्यीय टीम 31 जनवरी से ही देवरिया एक होटल में ठहरी हुई थी। टीम के पांच महिला एवं एक पुरुष सदस्य ने जिला पंचायत के डाक बंगले में लखनऊ, बलिया, और देवरिया में रह रहीं दो दर्जन से बालिकाओं को बुलाकर जानकारी ली।
चार दिनों तक दो शिफ्ट में बुलाकर घटना के संबंध में पूछताछ की गई। बृहस्पतिवार को पूरे दिन निमहांस की टीम अपनी रिपोर्ट तैयार करती रही। इसके बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट सीबीआई को सौप दी। सूत्रों की मानें तो पूछताछ में बालिकाओं ने स्वीकार किया है कि बालिका गृह में उनसे काम लिया जाता रहा। हालांकि अन्य आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है।
माना जा रहा है कि निमहांस की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिले में अगस्त 2018 से चर्चित रहे इस घटना के खुलासे एवं सीबीआई जांच में तेजी आ सकती है। दोनो टीमों के जाने के बाद अब उम्मीद लगाई जा रही है कि जल्द ही इस घटना में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।