बिहार और गोरखपुर पुलिस एनआईए के आने से पहले सिंघड़िया में शशांक पांडेय के उस मकान में गई थी, जहां वह रहा करता था। बताया जा रहा है कि वर्तमान में वहां पर किरायेदार हैं। चार किरायेदारों के आधार कार्ड की फोटो कॉपी टीम ने लिया है। बाद में इसे एनआईए टीम को सुपुर्द कर दिया गया। इसके अलावा गोरखपुर में उसके आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाला गया है। यहां पर उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है।
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जानकारी के मुताबिक, बुधवार भोर में चार बजे बिहार और गोरखपुर पुलिस उस मकान में पहुंची थी, जहां शशांक रहता था। एक घंटा रही। इस दौरान उसने मकान मालिक यादव व चार मजदूर किरायेदार से बात की। सबका आधार कार्ड जमा किया। साथ ही अशोक यादव उर्फ अमन के बारे में पूछा।
बाद में एनआईए टीम भी यहीं पर गई थी। लोगों का कहना है कि वह गरीब था। कभी लगा नहीं कि वह बहुत बड़ा अपराधी है। अधिकांश लोग उसके भाई राहुल से ही मिले थे, कभी शशांक को नहीं देखे थे। किरायेदार दयान, आकाश आदि से बात की।