गोरखपुर का कालेसर चौराहा। (फाइल)
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गोरखपुर-लखनऊ फोर लेन को सिक्स लेन बनाने की कवायद तेज हो गई है। केंद्र सरकार की तरफ से स्वीकृति मिलने के बाद, डीपीआर बनाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। सिक्स लेन पर नए ओवरब्रिज बनेंगे। सड़क के दोनों तरफ सर्विस लेन बनाई जाएगी।
बड़े कस्बे के पास और जिन स्थानों पर जाम की समस्या होगी, वहां पर अंडरपास बनाया जाएगा। जहां बहुत आवश्यक होगा, वहां बाईपास का निर्माण कराया जाएगा। लखनऊ से कालेसर तक 245 किलोमीटर लंबे फोरलेन का निर्माण 2010 में पूरा हुआ था। जिस समय फोरलेन का निर्माण किया गया, तभी सिक्सलेन के लिए जमीन की व्यवस्था की गई थी। बावजूद इसके कई स्थानों पर सिक्स लेन के लिए जमीन की जरूरत होगी। जहां जरूरत होगी, वहां जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। डीपीआर बनने के बाद जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
एनएचएआई के जिम्मेदारों का कहना है कि जहां फोरलेन पर ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया है, उसके बगल में ही सिक्स लेन के लिए थ्री लेन ब्रिज का निर्माण कराया जाएगा। जिन कस्बों में ओवरब्रिज से काम नहीं चलेगा, वहां बाईपास का निर्माण कराया जाएगा। अयोध्या जैसे प्रमुख स्थानों पर एक और ब्रिज का निर्माण सरयू पर कराना पड़ेगा।
एनएचएआई परियोजना प्रबंधक सीएम द्विवेदी ने कहा कि गोरखपुर- लखनऊ सिक्स लेन की डीपीआर बनने के बाद पता चलेगा कि क्या-क्या काम करना है। लेकिन, जहां ओवरब्रिज है, उसके बगल में तीन लेन का ब्रिज बनाया जाएगा। प्रमुख कस्बों में बाईपास का भी निर्माण कराया जाएगा।