नकहा रेलवे स्टेशन के पास बन रहे ओवरब्रिज के पास उड़ रही धूल।
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कई दिनों से प्रदूषण को लेकर सुर्खियों में बने गोरखपुर शहर पर नया संकट धूल और धुंध की चादर है। अपने बचने के इंतजाम स्वयं कर लें। कारण यह कि कार्यदायी संस्थाओं की ओर से बचाव के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। दो दिनों से पूरे शहर पर धुंध की चादर है। यह खतरनाक प्रदूषण है, जो पूरे शहर को अपने आगोश में ले रहा है।
तो ऐसे में सिस्टम के भरोसे न रहिए, वह तो बीते तीन नवंबर को जारी दिशा-निर्देशों के बावजूद बचाव के इंतजामों के प्रति अंजान बना हुआ है। ऐसे में आपकी सुरक्षा आपके हाथ है। खुद की सेहत की फिक्र कीजिए और दूसरों को भी जागरूक कीजिए।
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गोरखपुर शहर में उड़ रही धूल और धुआं के कारण धुंध (स्मॉग) का असर अब बढ़ता जा रहा है। वहीं इसकी रोकथाम के लिए शासन के निर्देश के बाद भी उपाय नहीं किए गए हैं। ऐसे में वहां से पूरे दिन धूल का गुबार उड़ रहा है। सोमवार को एक यूआई 203 दर्ज किया गया है, जो खतरनाक स्तर पर है यानी हवा में जहर फैला हुआ है।
गोरखपुर जिलाधिकारी कृष्ण करुणेश ने कहा कि सभी कार्यदाई संस्थाओं को निर्माण के दौरान प्रदूषण को लेकर बनाए गए नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया है, जो भी इसका पालन नहीं करेंगे। जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।