संवाद न्यूज एजेंसी
खुनुवां। सीमा से सटे नेपाल में वेतन की मांग को लेकर रेजिडेंट डॉक्टरों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया और अब ओपीडी सहित अन्य सेवाओं को बहिष्कार करेंगे।
इससे न सिर्फ नेपाल में लोगों को इलाज कराने में कठिनाई होगी। बल्कि सीमावर्ती क्षेत्र के उन लोगों को दिक्कत होगी जो नेपाल में इलाज के लिए जाते हैं। मौजूदा समय में बड़ी संख्या में लोग आंख का ऑपरेशन करने के लिए नेपाल जा रहे हैं। डॉक्टरों ने प्रदर्शन के सात दिन बाद भी मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने ओपीडी सेवा का पूर्ण बहिष्कार करने का निर्णय लिया।
स्वास्थ्य कर्मियों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल संघर्ष समिति द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि सरकार की ओर से मांग से संबंधित कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इसलिए अब हमारे पास अपने विरोध को मजबूत करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। प्रदर्शनकारी रेजिडेंट डॉक्टरों ने स्वास्थ्य कर्मियों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल संघर्ष समिति के नाम से सोमवार को तीन घंटे तक ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया।
उन्होंने बैनर, तख्तियों के साथ प्रदर्शन किया और सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक देशभर के मेडिकल कॉलेजों और गैर-संस्थागत स्वास्थ्य संस्थानों में ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया।
नेपाल सरकार और निजी चिकित्सा संस्थानों को स्नातकोत्तर वजीफा और अनिवार्य सेवा अनुबंध, कार्यस्थल सुरक्षा, निश्चित कार्य घंटे और श्रम शोषण और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए न्याय की मांगों को पूरा करने के लिए समुचित कदम उठाने चाहिए।
संघर्ष समिति के संयोजक डाॅक्टर शेषराज घिमिरे ने कहा कि सरकार के समान सेवाएं मिलने समेत चार सूत्री मांग पूरी होने तक विरोध जारी रहेगा। एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से उन्हें अपनी मांगें पूरी होने तक कार्यस्थल पर न जाकर काठमांडू-केंद्रित आंदोलन में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया गया है।