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नेपाल की माध्यमिक शिक्षा की पुस्तक में भारतीय भूक्षेत्र पर दावा, विवादित नक्शा शामिल

Thu, 17 Sep 2020 09:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो ध्रुव यादव, सिद्धार्थनगर
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नए नक्शे के साथ जारी हुई नेपाल माध्यमिक शिक्षा की पुस्तक... - फोटो : अमर उजाला
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नेपाल की ओली सरकार ने अपने देश के विवादित नक्शे को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया है। यही नहीं, अपने देश के एक और दो रुपयों के सिक्कों पर भी नए नक्शे को अंकित करने का निर्णय लिया है। जानकारों का कहना है कि ओली सरकार की दोनों ही हरकतों का मकसद नेपाली नागरिकों में भारत विरोधी मानसिकता को बढ़ावा देना है। इसका दोनों देशों के संबंधों पर असर पड़ेगा।

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ओली सरकार एक ओर भारत से वार्ता कर संबंध सुधारने की भले ही दुहाई दे रही है, लेकिन वह भारत विरोधी गतिविधियों से बाज नहीं आ रही है। नेपाल सरकार ने पिछले दिनों नेपाल का एक नया नक्शा घोषित किया है। इस नक्शे में भारत के हिस्से वाले लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को नेपाल का भूभाग बताया गया है। भारत ने इस पर कड़ा एतराज जताया है। इस वजह से नेपाल और भारत के संबंधों में खटास भी पैदा हो गई है।

अब नेपाल के शिक्षा मंत्रालय ने माध्यमिक शिक्षा की नई पुस्तक में संपूर्ण नेपाल का क्षेत्रफल सार्वजनिक किया है। इसमें भी कालापानी, लिंपियाधुरा और लिपुलेख को नेपाल का हिस्सा बताया गया है। पुस्तक में दावा किया गया है कि लिंपियाधुरा, लिपुलेख व कालापानी क्षेत्र में करीब 542 वर्ग किमी क्षेत्रफल पर भारत ने कब्जा कर रखा है।

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एक और दो रुपये के सिक्कों पर भी नया नक्शा अंकित

शिक्षा, विज्ञान और प्राविधि मंत्री गिरिराज मणि पोखरेल ने ‘नेपाली भूभाग और संपूर्ण सीमा स्वाध्याय सामग्री’ नामक पुस्तक सार्वजनिक की है। इस पुस्तक में नेपाल का कुल क्षेत्रफल 1,47,641.28 वर्ग किलोमीटर बताया गया है। नेपाल के पश्चिमोत्तर क्षेत्र के लिपुलेख, लिंपियाधुरा व कालापानी का क्षेत्रफल 460.28 वर्ग किलोमीटर है।

यदि यह भूभाग पाठ्यपुस्तक में दर्ज नेपाल के कुल क्षेत्रफल में न शामिल होता तो नेपाल का वास्तविक क्षेत्रफल 1,47,181 वर्ग किलोमीटर रहता। नेपाल-भारत संबंधों के जानकारों का कहना है कि पाठ्य पुस्तक में लिपुलेख, लिंपियाधुरा व कालापानी को शामिल किए जाने का प्रतिकूल असर भविष्य में दोनों देशों के बीच होने वाली उच्च स्तरीय वार्ता पर पड़ सकता है।

नेपाल सरकार ने राष्ट्रीय बैंक को एक और दो रुपये के सिक्के पर नेपाल का नया नक्शा अंकित करने की स्वीकृति दी है। विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली ने बताया कि सोमवार को हुई मंत्री परिषद बैठक में यह निर्णय किया गया है। अभी तक सिक्कों और नोटों पर नेपाल का पुराना नक्शा अंकित होता रहा है। नए सिक्के में अंकित होने वाले नक्शे में लिंपियाधुरा, कालापानी, लिपुलेख को भी शामिल करने की स्वीकृति केंद्रीय बैंक को दी गई है।
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