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नेपाल में भारत की पक्षधर सांसद सरिता गिरी पद से हटाई गईं, नए नक्शे का किया था विरोध

Sat, 11 Jul 2020 08:57 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर।

सार

  • नक्शे में भारतीय क्षेत्र शामिल किए जाने का संसद में किया था विरोध
  • पार्टी व्हिप का उल्लंघन करना बताया जा रहा पदच्युत करने का कारण
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सरिता गिरी(file) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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नेपाल में भारत की मुखर पक्षधर नेपाल समाजवादी पार्टी की सांसद सरिता गिरी को नेपाल सरकार ने सांसद पद से हटा दिया। वह नेपाल की संसद में भारत के पक्ष में बोलने वाली एकमात्र आवाज मानी जाती हैं। इसके अलावा नेपाल में भारत के सभी समाचार चैनलों पर भी रोक लगा दी गई है।

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जानकारी के अनुसार नेपाल के संघीय संसद सचिवालय ने समाजवादी पार्टी की सांसद सरिता गिरी को पद से हटाने की अधिसूचना जारी की है। बताया जा रहा है कि सभाप्रमुख अग्नि प्रसाद सापकोटा ने समाजवादी पार्टी की ओर से प्राप्त पत्र के आधार पर यह निर्णय लिया है।

सरिता गिरी को सांसद पद से हटाने के लिए नेपाल के संविधान की धारा 89 के तहत कार्रवाई की गई है। उनको पदच्युत किए जाने का कारण पार्टी व्हिप का उल्लंघन करना माना जा रहा है। राजनैतिक जानकारों के अनुसार नेपाल में ओली सरकार की ओर से जो नया राजनीतिक नक्शा प्रकाशित किया गया था, जिसमें नेपाल ने भारत के कुछ हिस्सों को अपने नक्शे में शामिल कर लिया, उसके विरोध में सरिता गिरी ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए मतदान करने की कोशिश की थी और संसद का बहिष्कार भी किया था।

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उन्होंने यह कहते हुए सरकार का विरोध किया था कि कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को नेपाल के नक्शे में शामिल करने का सरकार के पास कोई आधार नहीं है। उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया था जिसके अनुसार किसी राष्ट्रीय प्रतीक में बदलाव के लिए पर्याप्त आधार की आवश्यकता है।

उनका दावा था कि सरकार ने इस विधेयक में नए नक्शे में शामिल किए जा रहे इलाकों को लेकर कोई आधार या सबूत नहीं दिया है। ओली सरकार से पूछा था कि सीमा विवाद तो चीन के साथ भी है चीन के पास हमारी जो जमीन है उसे नक्शे में क्यों नहीं शामिल किया जा रहा है।

उन्होंने नए नक्शे के विरोध में संसद में एक संशोधन प्रस्ताव पेश कर देश का पुराना नक्शा ही जारी रखने की मांग की थी। स्पीकर ने उनका प्रस्ताव प्रतिनिधि सभा की रूल बुक की धारा 122 के आधार पर खारिज कर दिया। यह नियम कहता है कि कोई संशोधन बिल की मूल भावना के खिलाफ नहीं हो सकता है। इसके बाद सरिता गिरी सदन से बाहर चली गईं।
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नेपाल में भारतीय चैनलों पर रोक

एक अन्य खबर के मुताबिक नेपाल में भारतीय चैनलों के प्रसारण पर रोक लगा दी गई है। इसलिए अब सीमा पार के भारतीय मूल के नेपाली जन हिंदी समाचारों को नहीं देख सकेंगे। इसे राजनीतिक क्षेत्रों में भारत विरोध और चीन के समर्थन में एक और कदम बताया जा रहा है। बता दें कि भारतीय इलेक्ट्रानिक मीडिया चीन की दादागीरी का खुल कर विरोध कर रही है। जिससे माना जा रहा है कि नेपाल ने चीन के दबाव में यह कदम उठाया है।
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