नए बूथ के चक्कर में तो नहीं कट गए नाम
जिला निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक जिले में 256 नए बूथ और 24 नए मतदान केंद्र बढ़े हैं। पहले जिले में कुल बूथों की संख्या 3870 थी जो अब बढ़कर 4126 हो गई है। इसी तरह मतदान केंद्रों की संख्या पहले 2053 थी जो अब बढ़कर 2077 हो गई है। जिले में सबसे अधिक 50 बूथ बांसगांव जबकि सबसे कम 8 बूथ गोरखपुर शहर विधानसभा में बढ़े हैं।
इसी तरह कैंपियरगंज में 42, पिपराइच में 23, ग्रामीण में 33, सहजनवां में 32, खजनी में 22, चौरीचौरा में 15, बांसगांव में 50, तथा चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में 31 नए बूथ बढ़े हैं। अब किसी भी बूथ पर 1200 से अधिक वोटर नहीं है। पहले यह मानक 1500 वोटर का था।नए मानक के मुताबिक 1200 से अधिक वोटरों वाले बूथों से वोटर अलग कर नए बूथ बनाए गए है। माना जा रहा है कि इसमें भी कुछ वोटरों के नाम कट गए। हालांकि जिला निर्वाचन कार्यालय का कहना है कि वोटर ठीक से अपने नाम तलाशे। हो सकता है कि उनका नाम दूसरे बूथ पर ट्रांसफर हो गया हो।
पिछले चुनावों में हो चुकी है किरकिरी
पिछले विधानसभा चुनाव 2012, 2017 और लोक सभा चुनाव 2014 और 2019 के चुनाव में भी मतदाता सूची से वोटरों के नाम कटने पर प्रशासन की किरकिरी हो चुकी है। मतदान वाले दिन कई बूथों पर वोटरों ने हंगामा किया और आयोग तक से इसकी शिकायत भी की थी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी/ एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह ने कहा कि जो लोग अभी भी वोटर बनने से बचे रह गए हैं या जिनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं है, वे नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के पहले आवेदन कर दे। उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज हो जाएंगे। आवेदक चाहे तो घर बैठे ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आयोग के एप -वोटर हेल्पलाइन और वेबसाइट से भी आवेदन किए जा सकते हैं। हाल ही में समाप्त हुए पुनरीक्षण अभियान में ज्यादातर लोगों ने ऑनलाइन ही आवेदन किया था।