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UP Election 2022: चुनाव में प्रशासन की किरकिरी न करा दे बीएलओ की लापरवाही, नाम कटने से परेशान हैं तमाम वोटर

Tue, 18 Jan 2022 08:07 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

उप जिला निर्वाचन अधिकारी/ एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह ने कहा कि जो लोग अभी भी वोटर बनने से बचे रह गए हैं या जिनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं है, वे नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के पहले आवेदन कर दे। उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज हो जाएंगे।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की लापरवाही, चुनाव में प्रशासन की किरकिरी करा सकता है। जिले के तमाम वोटरों के नाम ही मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। अब ये मतदाता बीएलओ, तहसील और कलेक्ट्रेट स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। हालांकि, पुनरीक्षण अभियान के दौरान प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की थी कि वे वोटर लिस्ट में अपने नाम जांच ले। नाम न होने या फिर किसी भी तरह की त्रुटि होने पर उसे दुरुस्त करने के लिए आवेदन कर दें।

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फिलहाल प्रशासन का कहना है कि ऐसे मतदाताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। भले ही मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम अब समाप्त हो गया है, मगर अभी भी नामांकन शुरू होने के पहले तक आवेदन करने वाले लोग वोटर बन सकते हैं।

शहर के विधानसभा क्षेत्र के घोषकंपनी निवासी उमेश जायसवाल के पूरे परिवार का नाम वोटर लिस्ट में दर्ज था।  वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के साथ ही 2019 के लोक सभा चुनाव में सभी सदस्यों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल भी किया। सभी के पास मतदाता पहचान पत्र भी है। मगर दो दिन पहले जब उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट में जांचे तो पता चला कि उनकी पत्नी व छोटे भाई की पत्नी का नाम ही कट गया है। बहुत दौड़ भाग करने के बाद सोमवार को उनका, बीएलओ से संपर्क हो सका। बीएलओ ने उन्हें ऑनलाइन आवेदन करने की सलाह दी है।
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इसी तरह रुस्तमपुर के रहने वाले अनिल श्रीवास्तव और उनके पिता का नाम वोटर लिस्ट से कट गया। जबकि, घर के बाकी सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट में दर्ज हैं। वे सोमवार को कलेक्ट्रेट में नाम जोड़वाने के लिए परेशान होकर घूम रहे थे। खजनी गांव के रमाशंकर तिवारी का कहना है कि तीन महीने पहले उन्होंने मतदाता सूची जांची थी। उनके परिवार के सभी लोगों के नाम थे। मगर चार दिन पहले उन्होंने दोबारा मतदाता सूची देखी तो उनका व उनके बेटे का नाम कटा था। यह तो बानगी है, सभी विधानसभा क्षेत्रों से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं। चुनाव कंट्रोल रूम में भी इस तरह की कई शिकायतें आ रही हैं।

 

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नए बूथ के चक्कर में तो नहीं कट गए नाम

जिला निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक जिले में 256 नए बूथ और 24 नए मतदान केंद्र बढ़े हैं। पहले जिले में कुल बूथों की संख्या 3870 थी जो अब बढ़कर 4126 हो गई है। इसी तरह मतदान केंद्रों की संख्या पहले 2053 थी जो अब बढ़कर 2077 हो गई है। जिले में सबसे अधिक 50 बूथ बांसगांव जबकि सबसे कम 8 बूथ गोरखपुर शहर विधानसभा में बढ़े हैं।

इसी तरह कैंपियरगंज में 42, पिपराइच में 23, ग्रामीण में 33, सहजनवां में 32, खजनी में 22, चौरीचौरा में 15, बांसगांव में 50, तथा चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में 31 नए बूथ बढ़े हैं। अब किसी भी बूथ पर 1200 से अधिक वोटर नहीं है। पहले यह मानक 1500 वोटर का था।नए मानक के मुताबिक 1200 से अधिक वोटरों वाले बूथों से वोटर अलग कर नए बूथ बनाए गए है। माना जा रहा है कि इसमें भी कुछ वोटरों के नाम कट गए। हालांकि जिला निर्वाचन कार्यालय का कहना है कि वोटर ठीक से अपने नाम तलाशे। हो सकता है कि उनका नाम दूसरे बूथ पर ट्रांसफर हो गया हो।

पिछले चुनावों में हो चुकी है किरकिरी

पिछले विधानसभा चुनाव 2012, 2017 और लोक सभा चुनाव 2014 और 2019 के चुनाव में भी मतदाता सूची से वोटरों के नाम कटने पर प्रशासन की किरकिरी हो चुकी है। मतदान वाले दिन कई बूथों पर वोटरों ने हंगामा किया और आयोग तक से इसकी शिकायत भी की थी।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी/ एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह ने कहा कि जो लोग अभी भी वोटर बनने से बचे रह गए हैं या जिनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं है, वे नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के पहले आवेदन कर दे। उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज हो जाएंगे। आवेदक चाहे तो घर बैठे ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आयोग के एप -वोटर हेल्पलाइन और वेबसाइट से भी आवेदन किए जा सकते हैं। हाल ही में समाप्त हुए पुनरीक्षण अभियान में ज्यादातर लोगों ने ऑनलाइन ही आवेदन किया था।
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