ब्लीचिंग पाउडर के नाम पर बनाई थी बिल्टी, मंगाई कोडिन युक्त सिरप
ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच के दौरान यह जानकारी मिली है कि ब्लीचिंग पाउडर के नाम पर बिल्टी बनवाई गई थी। उसके नाम पर कोडिन फास्फेट सिरप फेंसिडिल मंगाई थी। यह दवा आगरा से मंगाई गई थी। अब यह जांच की जा रही है कि इससे पहले दवा कितनी बार आई और कहां-कहां सप्लाई की गई।
जांच में पता चलेगा सेल टैक्स की चोरी तो नहीं
ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच के दौरान यह जानकारी मिल सकेगी कि सेल टैक्स चोरी की गई या नहीं। अगर सेल टैक्स चोरी की गई होगी, तो संबंधित विभाग को यह जानकारी देते हुए उस मामले में भी केस दर्ज कराया जाएगा। इस बिंदु पर जांच शुरू कर दी गई है।
नौ व्यापारियों ने ले रखी थी एबार्ट कंपनी की एजेंसी, दो कर चुके हैं सरेंडर
बताया जा रहा है कि भालोटिया मार्केट के नौ व्यापारियों ने कोडिन युक्त सिरप बेचने के लिए एबार्ट कंपनी की एजेंसी ले रखी थी। इसमें से दो व्यापारी पिछले साल एजेंसी छोड़ चुके हैं। जबकि, सात व्यापारी यह काम कर रहे हैं। इनमें अमित और आशीष ने पिछले कुछ सालों से इस काम में तेजी ला चुके थे।
लाइसेंस सरेंडर कर बचने की तैयारी में हैं व्यापारी भाई
बताया जा रहा है कि आशीष और अमित का फर्म अलग है। दोनों भाइयों ने अलग-अलग लाइसेंस भी ले रखा है, जिसे वह सरेंडर करने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि सरेंडर के बाद दोनों भाई विभागीय सेटिंग की बदौलत नए नाम पर लाइसेंस जारी करने की फिराक में हैं, जिससे की दवा का काम रुकने न पाए। यही वजह है कि वह शनिवार रात से फरार हो गए हैं।
वाराणसी में शुरू की सप्लाई, तो चढ़ गए व्यापारी के हत्थे
बताया जा रहा है कि आशीष और अमित ने वाराणसी में फेंसिडिल सिरप भेजना शुरू कर चुके थे। इस काम में उन्हें पांच से छह गुना मुनाफा मिल रहा था। जबकि, वाराणसी में चिंटू नाम का एक दवा व्यापारी फेंसिंडिल सिरप का कारोबार काफी दिनों से करता है। उसके बाद से दोनों भाई उस व्यापारी के निशाने पर आ गए थे। सूत्रों के अनुसार चिंटू ने ही ड्रग विभाग को दवा से संबंधित पूरी जानकारी दी, जिसके बाद दवाएं बरामद की गईं।
सहारनपुर में बने नए डिपो से आता था आगरा में माल
बताया जा रहा है कि सहारनपुर कोडिनयुक्त दवाओं के लिए नया डिपो बनाया गया है। इसी डिपो से आगरा व्यापारी भाई अमित और अनुज गोयल दवाएं मंगाते थे। यहां से गोरखपुर के रास्ते बंगाल, वाराणसी सहित बिहार और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को भेजा जाता था। जबकि, कोडिनयुक्त दवा का डिपो पहले से ही वाराणसी में बनाया गया है।
रिमांड पर लेने की तैयारी
ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। कोर्ट में इसके लिए अर्जी डाल दी गई है।
ट्रक बुक कराया था असम के लिए, आया गीडा
बताया जा रहा है कि जिस ट्रक से माल आया है। वह ट्रक असम के लिए बुक कराया गया था, लेकिन वह गीडा आया। इसकी जानकारी ट्रक चालक ने अपने मालिक को दी, तो उसने जीपीएस के जरिए ट्रक को लॉक कर दिया और पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई।
इनकी हो चुकी है गिरफ्तारी
दो करोड़ की दवा बरामदी के मामले में सहायक औषधि आयुक्त एजाज अहमद की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ एनडीपीएस (स्वापक एवं मनुष्य प्रभावी अधिनियम 1985) के तहत रविवार को मुकदमा दर्ज किया गया था। टीम को 498 पेटी में 100 एमएल की 50,000 बोतल फेंसिडिल कफ सिरप मिला था।
एनडीपीएस एक्ट के तहत तारामंडल के रहन वाले मुकेश मिश्र, बस्ती के रहने वाले नबीरहमुल्लाह, कौड़ीराम बांसगांव के रहने वाले हरिश्चंद्र गुप्ता, बिहार के आरा निवासी शंभू गुप्ता, गंगा सागर, और मोलू यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।