बासगांव पोल्ट्री फार्म संचालक मनोज सिंह ने कहा कि नवरात्र के कारण पोल्ट्री फार्म में मुर्गों की संख्या मानक से अधिक हो गई है। इससे दाम में भी गिरावट आ गई है। नवरात्र से पहले जो मुर्गा थोक में 100 रुपये किलो बिकता था, वह अब 90 रुपये किलो बिक रहा है।
गोलघर में रेस्टोरेंट संचालक राजू सिंह ने कहा कि नवरात्र के कारण रेस्टोरेंट में सन्नाटा है। ग्राहक नहीं आ रहे हैं। पहले जहां एक क्विंटल मुर्गे की बिरयानी बिक जाती थी, वहीं अब 10 किलो मुर्गे की बिरयानी भी नहीं बिक पा रही है। इससे बहुत नुकसान उठाना पड़ रहा है।
छोटे काजीपुर में मीट दुकानदार कलाम ने कहा कि नवरात्र से पहले जहां एक दिन में औसतन एक से डेढ़ क्विंटल मुर्गे का मीट बेचता था, वहीं अब 20 से 22 किलो ही मुर्गे का मीट बेच पा रहा हूं। बकरा तो काट ही नहीं रहा, क्योंकि बकरे के मीट के ग्राहक हैं ही नहीं।
घंटाघर में मीट दुकानदार शमशेर ने कहा कि नवरात्र में मुर्गे और बकरे के मीट की बिक्री न के बराबर रह जाती है। आम दिनों में 50 से 60 किलो मुर्गा प्रतिदिन बेचता था, लेकिन अब 10 से 12 किलो ही बिक रहा है। उम्मीद है कि नवरात्र बाद स्थिति सुधरेगी।