फिर मनाएं किसान दिवस
टिकैत ने कहा कि किसान दिवस सरकार की गलत नीतियों से बंद हो गया है। प्रत्येक महीने के तीसरे बुधवार को फिर से संगठित होकर किसान दिवस मनाएं। तहसील स्तरीय अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाएं। जब तक किसानों के हक की बात न सुनी जाए, तब तक प्रयास करते रहें। अधिकारी सरकारी मुलाजिम होते हैं। जैसा सरकार निर्देश देती है, वैसे ही योजनाओं को क्रियान्वित करते हैं।
संगठन को और मजबूत बनाएं
टिकैत ने कहा कि संगठन को और मजबूत बनाना है। युवा इकाई को आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई जानी चाहिए। अब किसानों के मुद्दों पर ही बात होगी। हर किसान के मुद्दे जानें, फिर जिला मुख्यालय पर बैठक करके ब्लॉकवार जिम्मेदारी तय करें। किसान की समस्या का समाधान कराएं। हर बैठक की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करें। एक बार बैठक में जो कार्यकर्ता आएं, वह अगली बार नए कार्यकर्ता को लेकर आएं। हर कार्यकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर नोट किया जाए।