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Gorakhpur News: गोरखा रेजीमेंट के नायक का एम्स में हुआ सफल ऑपरेशन

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- सड़क दुर्घटना में नेपाल में घायल होने के बाद पहले गोरखपुर वायुसेना अस्पताल में कराए गए थे भर्ती

- चिकित्सकों की सलाह पर गोरखपुर एम्स के न्यूरो विभाग में हुआ सफल ऑपरेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में गोरखा सैनिक नायक लेलिन धेंगा का सफल ऑपरेशन किया गया। गोरखा रेंजीमेंट के लेलिन मंगलवार की रात को नेपाल में एक हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें पास के मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया। प्रारंभिक जांच में ही सामने आया कि उनके मस्तिष्क में रक्त का थक्का (बाएं टेम्पोरल कंट्यूशन के साथ बाएं फ्रंटोटेम्पोपेरिएटल एक्यूट एसडीएच और सबराचनोइड हेमरेज) पाया गया।
ऐसे में उन्हें तत्काल न्यूरोसर्जिकल चिकित्सक की सलाह लेने के लिए कहा गया। पहले वायुसेना के अस्पताल में ही लेलिन को भर्ती करवाया गया, लेकिन बाद में एम्स रेफर किया गया। जहां उपचार के बाद अब वो स्वस्थ हैं। दुर्घटना के बाद गोरखपुर के वायुसेना अस्पताल के जिम्मेदारों ने भी इस संबंध में पहले से ही गोरखपुर स्थित एम्स के न्यूरोसर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज कनौजिया और ईडी विभा दत्ता को जानकारी दे दी थी। जानकारी के मुताबिक बुधवार को रात 10:35 बजे वायु सेना अस्पताल के वार्ड में लेलिन पहुंचे। एम्स के न्यूरो सर्जन डॉ. नीरज कनौजिया ने वहीं इलाज शुरू किया।
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सीटी स्कैन के बाद तत्काल सर्जरी की सलाह दी गई। डॉ. कनौजिया ने वायु सेना अस्पताल के डॉक्टरों को मरीज की तंत्रिका संबंधी स्थिति बिगड़ने की सूचना दी। मरीज को लखनऊ के सैन्य अस्पताल में स्थानांतरित करने को लेकर कुछ असमंजस की स्थिति थी, लेकिन डॉ. कनौजिया ने मरीज़ की जान बचाने के लिए उसे तुरंत एम्स, गोरखपुर में स्थानांतरित करने पर जोर दिया।
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एम्स, गोरखपुर की एनेस्थीसिया और ऑपरेशन थिएटर टीम को भी सूचित कर दिया गया। 22 तारीख की रात दो बजे मरीज को एम्स के न्यूरोसर्जरी ऑपरेशन थिएटर में भर्ती कराया गया। डॉ. नीरज कनौजिया के नेतृत्व में न्यूरोसर्जन की टीम ने डॉ. सार्थक मेहता और डॉ. देवेंद्र कुमार के साथ मिलकर सुबह पांच बजे तक मरीज का ऑपरेशन किया। डॉ. शफाक, डॉ. मोनिका और डॉ. आशुतोष की एनेस्थीसिया टीम ने डॉ. अंकिता काबी के मार्गदर्शन में आधी रात के दौरान न्यूरोसर्जरी टीम को पूरा सहयोग दिया। सर्जरी सफल रही, लेकिन मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है क्योंकि शुरुआत में उनकी तंत्रिका संबंधी स्थिति बहुत खराब थी। फिलहाल वे आईसीयू में हैं और उनका आगे का इलाज चल रहा है।
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