पं. कमलापति त्रिपाठी, आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी, डॉ.रामकुमार वर्मा, भगवती, सच्चिदानंद, हीरानंद वात्सायन, अज्ञेय, सेठ गोवद दास, विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, प्रो. सरन घई यहां आयोजित कार्यक्रमों में शरीक हो चुके हैं।
सभा की ओर से 2003 से नगरी रत्न, नागरी भूषण एवं नागरी श्री सम्मान पुरस्कार दिया जाता है। विश्व हिंदी दिवस दस जनवरी 2015 से अप्रवासी भारतीय हिंदी साहित्यकारों को विश्व नागरी सम्मान से सम्मानित किया जा रहा है।
नागरी प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष सुधाकर मणि त्रिपाठी एवं मंत्री इंद्र कुमार दीक्षित के अनुसार प्रदेश में मात्र तीन जिलों वाराणसी, आगरा एवं देवरिया में राष्ट्रभाषा ¨हदी के विकास एवं भारतीय संस्कृति के उत्थान के लिए यह संस्था समर्पित एवं कार्यशील है।
यहां के पुस्तकालय में ज्ञान विज्ञान की लगभग 25 हजार पुस्तकें उपलब्ध हैं। तुलसी जयंती, हिंदी दिवस, गांधी जयंती, निराला जयंती, हर माह के द्वितीय शनिवार को काव्य गोष्ठी का आयोजन होता है।
इन्हें मिला गौरव सम्मान
विशेष आवरण एवं विरूपण के डिजाइनर हिमांशु कुमार के अनुसार नागरी प्रचारिणी सभा पर डाक टिकट जारी होना गौरव की बात है। इससे पहले पूर्व सांसद विश्वनाथ राय व राजकीय इंटर कॉलेज के सौ वर्ष पूरे होने पर डाक टिकट जारी हो चुका है।