फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निर्विरोध चुने गए नगर निगम कार्यकारिणी के छह सदस्य, मेयर ने दी शुभकामनाएं

Sat, 04 Jan 2020 10:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
विज्ञापन
फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
करीब एक पखवाड़े से नगर निगम कार्यकारिणी के जिन रिक्त छह पदों के पर निर्वाचन के लिए सरगर्मी बनी हुई थी, वह शनिवार को निर्विरोध निर्वाचन के साथ खत्म हो गई। कार्यकारिणी में भाजपा के तीन, समाजवादी पार्टी के दो और एक सदस्य निर्दलीय शामिल हुए। मेयर ने सभी निर्वाचित सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।
विज्ञापन


कार्यकारिणी के रिक्त हुए सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया शनिवार को नगर निगम सदन में शुरू हुई। नौ सदस्यों ने कुल 14 पर्चे लिए।

इन नौ सदस्यों में सपा के रमेश यादव, संजय यादव और शकुन मिश्रा, भाजपा से मनु जायसवाल, आलोक सिंह विषेन, अभिषेक कुमार निषाद, बृजेश सिंह छोटू और बबलू प्रसाद गुप्ता ने पर्चा खरीदा। वहीं कांग्रेस, बसपा के समर्थन से आनंदवर्धन सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा लिया।

इससे मतदान की आशंका बन गई, लेकिन बृजेश सिंह छोटू, संजय यादव और बबलू प्रसाद गुप्ता के नाम वापस लेने के बाद निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया। बचे रह गए छह सदस्यों मनु जायसवाल, आलोक सिंह विषेन, अभिषेक कुमार निषाद, शकुन मिश्रा, रमेश यादव और आनंदवर्धन सिंह को निर्विरोध चुना गया। मेयर सीताराम जायसवाल ने निर्वाचित सदस्यों को प्रमाणपत्र जारी करते हुए शुभकामना दी। कहा कि कार्यकारिणी समिति के चुने गये सदस्य सभी मिलकर शहर के विकास में अपना पूर्ण योगदान दें और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में गोरखपुर शहर विकास का मार्ग प्रशस्त करें।

अब ये पार्षद रह जाएंगे कार्यकारिणी सदस्य
भाजपा- राजेश तिवारी, रामभुआल कुशवाहा, अजय राय, आलोक सिंह विषेन, अभिषेक कुमार निषाद, मनु जायसवाल,
सपा- आकाश चौहान, उजैर अहमद, शकुन मिश्रा, रमेश यादव
कांग्रेस- संजीव सिंह सोनू
निर्दलीय- आनंद वर्धन सिंह
विज्ञापन

... तो मेयर के वोट से तय होगा उपसभापति

कार्यकारिणी के छह सदस्यों के निर्वाचन के बाद कार्यकारिणी समिति का प्रारूप तय हो गया। इसमें भाजपा के छह, सपा के चार, कांग्रेस का एक और निर्दल एक सदस्य चुना गया है। कांग्रेस, सपा और बसपा के समर्थन से कार्यकारिणी सदस्य चुने जाने की वजह से निर्दल प्रत्याशी के सपा, और कांग्रेस के साथ ही रहने की संभावना है। ऐसे में उपसभापति चुनाव के लिए वोटिंग होती है और सपा, कांग्रेस और निर्दल प्रत्याशी में किसी भी प्रकार की फूट नहीं पड़ती है तो मेयर के वोट से उपसभापति चुने जाने की संभावना है।

खरमास के बाद ही चुनाव की संभावना
कोई भी शुभ कार्य खरमास में नहीं किया जाता है। संभवत: इसी वजह से नगर निगम कार्यकारिणी के उपसभापति के चुनाव के लिए कुछ और दिन इंतजार करना होगा। उम्मीद है कि मेयर सीताराम जायसवाल खरमास के बाद किसी दिन उपसभापति के लिए चुनाव संपन्न कराएं
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें