मामला उठने पर एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने विवेचक को बदल दिया, लेकिन इसके बाद एक महीने से अधिक का समय गुजर गया, लेकिन कोई कार्रवाई पुलिस नहीं कर सकी है। अब ऐसे में सवाल उठने लगा है कि आखिर कौन इस गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को रोक रहा है।
पुलिस का यह रवैया तब है, जब एडीजी से लेकर आईजी तक प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा कर कार्रवाई के निर्देश दे चुके हैं और हाईकोर्ट ने भी आरोपियों को अग्रिम जमानत नहीं दी है। सीओ कैंट योगेंद्र सिंह का कहना है, केस में कोई भी साक्ष्य नहीं मिले हैं, जिससे यह साबित हो सके कि गिरोह केस दर्ज कराकर वसूली कर रहा है। जबकि, पहले के दो सीओ की जांच के बाद ही केस दर्ज किया गया था। पीड़ित खालिद का कहना है कि हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र डालेंगे, इसके लिए प्रयागराज आ चुके हैं।