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नफीसा गिरोह: विवेचना बदली, लेकिन फिर रुक गई कार्रवाई, सीओ कैंट बोले, कोई साक्ष्य नहीं

Tue, 16 May 2023 11:32 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

एडीजी के आदेश पर तत्कालीन एसएसपी ने सीओ बांसगांव व सीओ कैंट से जांच कराई। पता चला कि गिरोह के सदस्य फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर वसूली करा रहे हैं। इसके बाद सात अगस्त को कैंट पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन आज तक एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले में दुष्कर्म का फर्जी केस दर्ज कराकर पीड़ितों से रुपये ऐंठने वाली महिलाओं के गिरोह पर पुलिस ने कार्रवाई शिथिल कर दी है। सात अगस्त 2022 को केस दर्ज होने के नौ महीने बाद भी पुलिस एक भी आरोपी को न तो दबोच सकी है और न ही इसमें कोई ऐसी कार्रवाई की गई, जिससे गिरोह में शामिल आरोपियों में डर हो।

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पीड़ित के प्रार्थना पत्र पर एसएसपी ने विवेचक बदल दिया, लेकिन इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हो सकी है। अब पुलिस दो सीओ की जांच रिपोर्ट को दरकिनार कर फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी में है। उधर, पीड़ित एक बार फिर हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर पूरे मामले में पूर्व में दिए गए निर्देशों के पालन का गुहार लगाने की तैयारी में है।

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जानकारी के मुताबिक, मई 2022 में कैंपियरगंज के निवासी व पीड़ित खालिद ने एडीजी से इस संबंध में शिकायत की थी। एडीजी के आदेश पर तत्कालीन एसएसपी ने सीओ बांसगांव व सीओ कैंट से जांच कराई। पता चला कि गिरोह के सदस्य फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर वसूली करा रहे हैं। इसके बाद सात अगस्त को कैंट पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन आज तक एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है। जबकि, पुलिस अफसर भी मानते हैं कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से कोर्ट के जरिये दुष्कर्म के केस दर्ज कराने के मामले कम हुए हैं।

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मामला उठने पर एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने विवेचक को बदल दिया, लेकिन इसके बाद एक महीने से अधिक का समय गुजर गया, लेकिन कोई कार्रवाई पुलिस नहीं कर सकी है। अब ऐसे में सवाल उठने लगा है कि आखिर कौन इस गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को रोक रहा है।



पुलिस का यह रवैया तब है, जब एडीजी से लेकर आईजी तक प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा कर कार्रवाई के निर्देश दे चुके हैं और हाईकोर्ट ने भी आरोपियों को अग्रिम जमानत नहीं दी है। सीओ कैंट योगेंद्र सिंह का कहना है, केस में कोई भी साक्ष्य नहीं मिले हैं, जिससे यह साबित हो सके कि गिरोह केस दर्ज कराकर वसूली कर रहा है। जबकि, पहले के दो सीओ की जांच के बाद ही केस दर्ज किया गया था। पीड़ित खालिद का कहना है कि हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र डालेंगे, इसके लिए प्रयागराज आ चुके हैं।
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