भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लेते म्यांमार के राजदूत।
- फोटो : अमर उजाला।
कुशीनगर आए म्यांमार के राजदूत ऊ मोचो आंग ने सोमवार की सुबह लगभग छह बजे मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर पहुंचकर विशेष-पूजा अर्चना की। इसके बाद शिष्टमंडल के साथ वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इस दौरान बौद्ध भिक्षु व उपासक-उपासिकाएं आदि मौजूद रहे।
कुशीनगर से लौटने से पूर्व म्यांमार बुद्ध विहार में राजदूत आंग ने पत्रकारासे बाचती में कहा कि भारत-म्यांमार के बीच रिश्तों में प्रगाढ़ संबंध हैं। आगे भी ऐसे ही मधुर रिश्ते बने रहेंगे। भारत-म्यांमार-थाईलैंड तजक निर्माणाधीन सड़क बनने से सीधे जुड़ जाएंगे। यह मार्ग 2016 में बन जाना तय था लेकिन किन्हीं वजहों से नहीं बन पाया है।
उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि जल्द बनकर तैयार हो जाए। राजदूत ने कहा कि म्यांमार सरकार की सर्वोच्च धार्मिक सम्मान अभिध्वजा महारथा गुरू देने का जो मुझे मौका मिला, इससे मैं अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। सर्वोच्च धार्मिक सम्मान अभिध्वजा महारथा गुरू देने का क्षण ऐतिहासिक व अदभुत रहा।
बता दें कि राजदूत बीते शनिवार की शाम शिष्टमंडल के साथ कुशीनगर भिक्षु संघ अध्यक्ष एबी ज्ञानेश्वर को म्यांमार सरकार की सर्वोच्च धार्मिक सम्मान देने के लिए पहुंचे थे। इस मौके पर म्यांमार बुद्ध विहार के प्रतिनिधि टीके राय समेत तमाम गण्यमान्य लोग मौजूद रहे।