- रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी सहित कई लोगों ने बार-बार दस्तावेज मांगने पर जताई नाराजगी
- पत्नी का नाम गायब होने पर बुजुर्ग ने कहा- बीएलओ की लापरवाही भुगत रहे हम
- बिना मैपिंग वाले मतदाताओं को मिले नोटिस पर सुनवाई शुरू, पहले दिन 30 फीसदी ही पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत बुधवार को बिना मैपिंग वाले मतदाताओं को दिए गए नोटिस की सुनवाई शुरू हुई। पहले दिन 30 फीसदी लोग ही पहुंचे और जिन लोगों ने दस्तावेज जमा नहीं किए उन्हें बृहस्पतिवार को बुलाया गया। सदर तहसील में पहुंचे कई लोगों ने बार-बार दस्तावेज मांगे जाने पर नाराजगी जताई और परिवार के सदस्य के दूसरे प्रदेश में होने की बात कहकर नोटिस पर सुनवाई के लिए दूसरे दिन का समय मांगा।
नंदानगर के रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि परिवार में पांच सदस्य मतदाता रहे हैं। बेटा धीरज कुमार इस समय बंगलूरू में नौकरी कर रहा है। वह 10 साल से मतदान करता रहा है, उसका नाम सूची से कट गया है। प्रशासन की ओर से एक नोटिस मिला है। उन्होंने एसडीएम सदर से दूसरे दिन का समय मांगा। बोले, एसआईआर फॉर्म के साथ ही दस्तावेज भी दिया था, कितनी बार दस्तावेज लेंगे। हम तो परेशान हो गए हैं। वहीं, सैनिक स्कूल के पास रहने वाले सदानंद सिंह ने बताया कि मतदाता सूची में पत्नी का नाम नहीं है। बीएलओ की लापरवाही का खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है।
जौतपुर के प्रमोद कुमार ने बताया कि सुनवाई के दौरान 1987 के पहले का दस्तावेज मांगा गया। हमने हाईस्कूल के सनद की फोटो कॉपी दे दी। बताया गया कि आपका नाम अब जुड़ जाएगा।
ईआरओ ने सुनवाई के लिए 161 मतदाताओं को नोटिस दिया था, जिसमें 51 लोग उपस्थित हुए। उनमें 21 लोगों के दस्तावेज पर्याप्त थे, जबकि उपस्थित लोगों में जिन्होंने दस्तावेज जमा नहीं किया है, उन्हें अगले दिन बुलाया गया।
सुनवाई के दौरान मतदाताओं के लिए गए फोटो
एसआईआर के तहत सुनवाई के जो लोग उपस्थित नहीं हुए, ऑनलाइन उनके नाम के आगे क्लिक करने का कोई विकल्प नहीं आ रहा है। अब सुनवाई में अनुपस्थित लोगों के बारे में निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार दोबारा अवसर मिल सकता है। सुनवाई के दौरान साक्ष्य प्रस्तुत करने के साथ ही सभी मतदाताओं के फोटो लिए गए।
एईआरओ नायब तहसीलदार आकांक्षा पासवान ने 150 मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया था, जिसमें 40 लोग उपस्थित हुए थे। सुनवाई में 16 लोगों ने दस्तावेज जमा किया। कुछ लोग दो जिलों में होने की जानकारी देकर एक जगह नाम कटवाने के लिए कह रहे थे। उन्हें सुझाव दिया गया कि दस्तावेज न जमा करें, नाम कट जाएगा। एईआरओ तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह ने दोपहर 12 बजे सुनवाई शुरू की, उन्होंने बूथ संख्या एक के पहले दिन 11 लोगों को ही बुलाया था, जिनमें सात लोग उपस्थित हुए। दो महिलाओं ने नाम कटवाने की बात करते हुए दस्तावेज जमा करने से इन्कार कर दिया।
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डीएम ने निरीक्षण कर मतदाताओं से की बात
डीएम दीपक मीणा ने बुधवार को तहसील सदर सभागार में सुनवाई के दौरान निरीक्षण किया। उन्होंने मतदाताओं से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनी। अधिकारियों से कहा कि सभी लोगों की बातें सुनें और उनकी समस्या का समाधान कराएं। डीएम ने कहा कि जिन मतदाताओं की मैपिंग 2003 की सूची से नहीं हुआ है, उन्हें नोटिस देकर दस्तावेज के साथ प्रस्तुत होने के लिए बुलाया जा रहा है। जो लोग सुनवाई में उपस्थित नहीं होंगे, उनके नाम कट जाएंगे।
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30 हजार मतदाताओं को दिया गया है नोटिस
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व विनीत कुमार सिंह ने बताया कि 2.83 लाख मतदाताओं को नोटिस दिया जाना है, जिसमें बुधवार तक 30 हजार से लोगों को नोटिस प्राप्त करा दिया गया। गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के लिए भी 35 हजार नोटिस प्रिंट करके आ गए हैं। बृहस्पतिवार से इसे वितरित किया जाएगा।