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Eid 2020: इस ईद को महिलाएं ऐसे बनाएंगी खास, बोलीं- यादगार होगा पल

Sun, 24 May 2020 08:02 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • उलेमाओं की अपील पर महिलाओं ने सजने-संवरने से परहेज करने का लिया निर्णय
  • दुकानें बंद लेकिन महिलाओं ने ऑनलाइन खरीदारी भी नहीं की
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eid 2020 - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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ईद पर उलेमाओं की अपील रंग लाती हुई दिख रही है। महिलाओं ने उलेमाओं की अपील का सम्मान करते हुए इस बार ईद पर नहीं सजने-संवरने का निर्णय लिया है। साथ ही वह लॉकडाउन का पालन करते हुए सादगी से ईद मनाएंगी।

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ईद में महिलाएं ज्वेलरी, चूड़ियां व मेंहदी की खूब खरीदारी करती थीं। ईद से चंद दिन पहले महिलाओं की खरीदारी का मिक्स एंड मैच टाइम शुरू हो जाता था। गोलघर, रेती चौक, मदीना मस्जिद रोड, शाहमारूफ, मियां बाजार, जाफरा बाजार, गोरखनाथ, पांडेयहाता, तुर्कमानपुर, उर्दू बाजार आदि बाजारों में ईद की खरीदारी के लिए इफ्तार के बाद महिलाओं की अच्छी खासी भीड़ उमड़ती थी।

इस बार कोरोना ने महिलाओं के अरमानों पर पानी फेर दिया। कोरोना संकट से जूझ रहे देश हर तरफ मातम पसरा हुआ है। ऐसे में मुस्लिम महिलाओं ने इस गम के माहौल में खुशियों के पर्व ईद को सादगी के साथ मनाने का निर्णय लेते हुए सजने-संवरने से परहेज करने का निर्णय लिया।
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इस बार महिलाओं के हाथों में न मेंहदी का रंग होगा न नई चूड़ियों की खनक और न ही नया सूट व दुपट्टा। ईद के समय शाहमारुफ, घंटाघर, रेती, मदीना मस्जिद, गीता प्रेस,  जाफरा बाजार, गोरखनाथ, गोलघर में ईद की रौनक शबाब पर रहती थी।

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महिलाओं पर प्लाजो, शरारा स्टाइल सूट, काटन सूट, जयपुरी सूट, चंदेरी काटन, चिकन वर्क सूट का जलवा सिर चढ़ कर बोलता था। लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं है। लॉकडाउन में सभी दुकाने बंद हैं। महिलाओं के पास ऑनलाइन खरीदारी का भी मौका था बावजूद इसके उन्होंने ऑनलाइन खरीदारी भी नहीं की।

गृहणी हेमा खान ने कहा कि इस बार ईद पर महिलाओं ने खरीदारी नहीं की है। पूरी दुनिया मुसीबत में है। मस्जिद व ईदगाह बंद है। तो भला ऐसे माहौल में कोई ईद धूमधाम से कैसे मना सकता है। इस बार न मेंहदी न चूड़ी न सूट न चप्पल सिर्फ सब्र व इबादत। ईद हम सादगी से मनाएंगे। लॉकडाउन का पालन करना है। न किसी के यहां जाना है न आना है तो श्रृंगार कैसा। अबकी ईद जरूरमंदों व गरीबों की मदद पर कुर्बान।
 
गृहणी शादमा शमीम ने कहा कि हर महिला की ख्वाहिश होती है कि वह ईद बेहतर तरीके से मनाए। सजे संवरे। मेंहदी लगाये। चूड़ियां पहनें। लेकिन इस बार हम ईद बड़ी ही सादगी से मनाएंगे क्योंकि पूरी दुनिया कोरोना वायरस की चपेट में है। ऐसे संकट के समय में हमें लॉकडाउन का पालन करते हुए घरों में रहना चाहिए। हमारे उलेमा-ए-किराम ने कहा है कि इस ईद हमें शॉपिंग से बचना है। उनकी बातों का हम सम्मान करते हैं।
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