महिलाओं पर प्लाजो, शरारा स्टाइल सूट, काटन सूट, जयपुरी सूट, चंदेरी काटन, चिकन वर्क सूट का जलवा सिर चढ़ कर बोलता था। लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं है। लॉकडाउन में सभी दुकाने बंद हैं। महिलाओं के पास ऑनलाइन खरीदारी का भी मौका था बावजूद इसके उन्होंने ऑनलाइन खरीदारी भी नहीं की।
गृहणी हेमा खान ने कहा कि इस बार ईद पर महिलाओं ने खरीदारी नहीं की है। पूरी दुनिया मुसीबत में है। मस्जिद व ईदगाह बंद है। तो भला ऐसे माहौल में कोई ईद धूमधाम से कैसे मना सकता है। इस बार न मेंहदी न चूड़ी न सूट न चप्पल सिर्फ सब्र व इबादत। ईद हम सादगी से मनाएंगे। लॉकडाउन का पालन करना है। न किसी के यहां जाना है न आना है तो श्रृंगार कैसा। अबकी ईद जरूरमंदों व गरीबों की मदद पर कुर्बान।
गृहणी शादमा शमीम ने कहा कि हर महिला की ख्वाहिश होती है कि वह ईद बेहतर तरीके से मनाए। सजे संवरे। मेंहदी लगाये। चूड़ियां पहनें। लेकिन इस बार हम ईद बड़ी ही सादगी से मनाएंगे क्योंकि पूरी दुनिया कोरोना वायरस की चपेट में है। ऐसे संकट के समय में हमें लॉकडाउन का पालन करते हुए घरों में रहना चाहिए। हमारे उलेमा-ए-किराम ने कहा है कि इस ईद हमें शॉपिंग से बचना है। उनकी बातों का हम सम्मान करते हैं।