सिकरीगंज (गोरखपुर)। सिकरीगंज क्षेत्र के हरपुर गांव की 17 वर्षीय किशोरी मुस्कान की सर्पदंश के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। बेटी की जान बचाने की उम्मीद में परिवार ने कर्ज लेकर निजी अस्पताल में 35 हजार रुपये जमा किए लेकिन उसकी मौत हो गई। आक्रोशित परिजन ने अस्पताल में हंगामा करते हुए इलाज में लापरवाही और आर्थिक शोषण का आरोप लगाया।
हरपुर निवासी अवधेश ठाकुर (शर्मा) मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी सबसे बड़ी बेटी मुस्कान इंटरमीडिएट की छात्रा थी। परिजन के अनुसार, बुधवार देर रात बारिश होने पर पूरा परिवार छत से नीचे आ गया। मुस्कान अलग कमरे में सोने चली गई, जहां उसे जहरीले सांप ने डस लिया। हालत बिगड़ने पर रात करीब तीन बजे उसे जदूपट्टी स्थित आयुष्मान ट्रामा सेंटर ले जाया गया।
मृतका की मां लालमती का आरोप है कि अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टर मोईन और अस्पताल संचालक जयवीर सिंह ने इलाज शुरू करने से पहले 35 हजार रुपये जमा कराने को कहा। परिजनों ने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर रकम जमा कर दी। आरोप है कि इसके बाद सुबह तक किसी भी परिजन को मुस्कान से मिलने नहीं दिया गया। उसकी हालत के बारे में पूछने पर अस्पताल कर्मी सुरक्षित बताते रहे। सुबह पहले डिस्चार्ज करने की बात कही गई लेकिन कुछ देर बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।
परिजन का यह भी आरोप है कि अस्पताल प्रशासन बिना पर्याप्त जानकारी दिए शव भेजने की तैयारी कर रहा था। घटना की सूचना पर मुंबई मजदूरी के लिए जा रहे पिता बीच रास्ते से लौट आए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अस्पताल ने उपचार से संबंधित कोई रिपोर्ट या बिल भी उपलब्ध नहीं कराया।
हालांकि अस्पताल संचालक जयवीर सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि मुस्कान को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। परिजन को उसकी स्थिति से अवगत कराया गया था और पूरा प्रयास करने के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
थाना प्रभारी निरीक्षक अंजुल चतुर्वेदी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अभी तक परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।