एसपी ने बताया कि बेटे को हिरासत में लेते ही उसने घटना कबूल कर लिया। उसने बताया कि पिता की उसी ने हत्या कर दी है। इसके बाद उसकी निशानदेही पर ही पुलिस ने खून लगे डंठल को बरामद कर लिया। एसपी ने बताया कि आरोपी बेटे ने बताया कि जब रात में शिवधर खाना खाकर दूसरे मकान पर सोने जा रहे थे, तब वह पीछे लग गया।
मकान पर पहुंचने से पहले ही पेड़ से डंठल तोड़कर पहले पीछे से हमला किया और फिर गिरने के बाद ताड़बतोड़ हमला कर हत्या कर दी। एसपी ने बताया कि घटना के अनावरण में थानाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह, उप निरीक्षक अश्वनी कुमार चौबे, कमलेश यादव का अहम योगदान रहा।
हत्या के आरोप में पकड़े गए बेटे भोला प्रसाद ने एसपी की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि मुझे कोई पछतावा नहीं। पिता की हरकत ही ऐसी थी। मेरी जगह कोई भी रहता तो यही करता। लेकिन, पिता को इतनी बेरहमी से मारने के पीछे की वजह के सवाल पर वह चुप हो गया। बोला, जो कर दिए, वह कर दिए।