उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बहू की हत्या के आरोपी पूर्व प्रधान की शुक्रवार की सुबह अपर सत्र न्यायाधीश पास्को के कक्ष के निकट मौत हो गई। मुकदमे में डॉक्टर का बयान होना था। उनकी पत्नी पर भी अपर जिला जज तृतीय के न्यायालय में केस चल रहा है।
लार थाना क्षेत्र के रक्सा गांव निवासी बाल किशुन (62) गांव के प्रधान रह चुके हैं। उनके पुत्र राम प्रवेश की शादी सलेमपुर कोतवाली के खोखावंशी गांव निवासी सीमा देवी से हुई थी। वर्ष 2013 में बहू की मौत हो गई थी।
भाई की तहरीर पर लार थाने में बालकिशुन, उनकी पत्नी और पुत्र के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ था। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद एडीजे तृतीय के न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। शुक्रवार को डॉक्टर का बयान होना था। सुबह वह अपने अधिवक्ता सुरेश शर्मा के पास कचहरी में पहुंचे।
मुकदमे की पैरवी संबंधी वार्ता के बाद न्यायालय के पहुंचे। इसी बीच कुछ समय के लिए वह अपर सत्र न्यायाधीश पास्को कक्ष के सामने बरामदे में चले गए थे। सुबह करीब 10:50 बजे बरामदे में उनको खून की उल्टी होने लगी और अचेत हो गए।
अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मियों ने एंबुलेंस से उनको जिला अस्पताल पहुंचाया। इमरजेंसी के डॉक्टर ने उनको मृत घोषित कर दिया। डॉ. एनके पांडेय ने बताया कि बालकिशुन को मृत हालत में लाया गया था। पुलिस ने शव की शिनाख्त के लिए पाकेट की तलाशी ली लेकिन कोई भी ऐसा कागजात नहीं मिला, जिससे उनकी पहचान हो सके।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सिंहासन गिरि और मृतक के अधिवक्ता ने पहचान कर परिवार के लोगों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे उनके पुत्र ने शव की शिनाख्त की। सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार में कोहराम मच गया। काफी संख्या में लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। देर शाम जब शव घर पहुंचा लोग दहाड़े मार कर रोने लगे।