जिन तीन नामों पर सहमति बनी है, उनमें ठाकुर वर्ग से आने वाले नेता शहर के नामी अधिवक्ताओं में गिने जाते हैं तो वहीं ब्राह्मण चेहरा छात्रसंघ की राजनीति से होकर सियासी राजनीति में कदम रखने वाला है। कायस्थों की अगुवाई करने वाले कायस्थ वर्ग के नेता का नाम भी इन तीन विकल्पों में शामिल है।
फिलहाल, भाजपा की तरफ से मेयर पद का प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद ही सपा अपने पत्ते खोलेगी। उधर तीन दिन बाद आरक्षण की अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद सपा, वार्ड के पार्षद और नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के नाम पर मंथन तेज कर देगी।
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पार्षद पद के लिए हर वार्ड से आधा दर्जन से अधिक लोग दावेदारी कर रहे हैं तो वहीं आरक्षण की बदली हुई नई सूची में ज्यादातर नगर पंचायतों के आरक्षण में बदलाव होने की वजह से यहां के लिए दावेदारों से फिर से आवेदन लिए जा रहे हैं।
सपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम ने कहा कि मेयर पद के उम्मीदवार के लिए जिला प्रभारी के नेतृत्व वाली कमेटी ने नाम प्रस्तावित कर दिए हैं। पांच नामों पर सहमति बनी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष भी अपने स्तर से फीडबैक लेंगे और फिर प्रत्याशी के नाम पर अंतिम मोहर लगाएंगे। इसी तरह जल्द ही नगर पंचायत अध्यक्ष और वार्ड के पार्षदों के लिए भी प्रत्याशी के नामों पर जल्द ही फैसला ले लिया जाएगा। पार्टी तैयारियों में जुट गई है। जनता, भाजपा की नीतियों से परेशान है और सपा पर विश्वास जता रही है। निकाय चुनाव में सपा बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगी।