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अमर उजाला लाइव: करार करके खुद करवाए थे गैलरी में कब्जा, अब हटवाएंगे कैसे...

Thu, 30 Mar 2023 02:59 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

कलेक्ट्रेट चौक से लेकर गणेश चौराहे तक दोनों तरफ 200 से ज्यादा दुकानें हैं। जलकल भवन के दक्षिण तरफ 13 दुकानों और उत्तर तरफ करीब 10 दुकानों से नगर निगम ने अनुबंध किया है। इसके बदले में 150 से 275 रूपये किराया दुकानदार जमा करते हैं।
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गोलघर जलकल भवन के पास इन दुकानदारों को गैलरी तक दुकान लगाने के लिए नगर निगम ने अनुबंध नही दिया है। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले में गोलघर की दुकानों के आगे गैलरी को कब्जा मुक्त कराकर हजरतगंज की तर्ज पर सुंदर बनाने की योजना नगर निगम ने पिछले वर्ष बनाई थी। इसे लेकर बार-बार अभियान भी चला, हंगामा भी हुआ और हर बार विभाग को कदम पीछे खींचना पड़ा। इसके पीछे 1988 व 1992 में करीब 20 दुकानों से किया गया वह अनुबंध है, जिसमें नगर निगम ने खुद गैलरी को कब्जा करने की छूट दी है।

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हालांकि, विभाग ने कभी इस बात को सार्वजनिक नहीं किया है लेकिन, सूचना अधिकारी अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना पर यह जानकारी खुद नगर निगम ने दी है। विभाग की दोतरफा कार्रवाई पर गोलघर के व्यापारी खासे नाराज हैं।

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कलेक्ट्रेट चौक से लेकर गणेश चौराहे तक दोनों तरफ 200 से ज्यादा दुकानें हैं। जलकल भवन के दक्षिण तरफ 13 दुकानों और उत्तर तरफ करीब 10 दुकानों से नगर निगम ने अनुबंध किया है। इसके बदले में 150 से 275 रूपये किराया दुकानदार जमा करते हैं। इसके अलावा कई दुकानों ऐसी हैं जिसके मालिक ने गैलरी तक की जगह को बैनामा करा रखा है।

इन सभी ने दुकान को आगे बढ़ाकर शटर लगवा लिया है। बीच-बीच में कुछ दुकानें ऐसी हैं जिनकी गैलरी खाली रहती है। यूनिवर्सल ड्रेसेज के मालिक एवं गोलघर व्यापार मंडल के अध्यक्ष अभिषेक शाही कहते हैं, जिन दुकानों के सामने गैलरी खाली रहती है अगर कोई सामान रख दिया तो उसे अतिक्रमण बताकर जुर्माना वसूला जाता है। यह सरासर गलत है। अगर हजरतगंज की तर्ज पर गैलरी में सीटिंग व्यवस्था करनी है तो कैसे संभव है। रास्ता को जिग-जैक तो बनाएंगे। हम लोग इसी का विरोध करते हैं। हमारा विरोध सुंदरीकरण को लेकर कभी नहीं रहा है।

अतिक्रमण के नाम पर शोषण न करें

शरारत मेंस किड्स विशाल मंझानी ने कहा कि पूरे शहर को एक समान नजरिये से देखकर अतिक्रमण अभियान चलाना चाहिए। लेकिन, अधिकारियों के केंद्र बिंदु में सिर्फ गोलघर ही रहता है। अगर सुंदरीकरण कराना है तो पहले अपने अभियान का साझा करें। हर वर्ष अतिक्रमण हटाओ जिन्न निकल जाता है। परेशान व्यापारी होते हैं।

पहले योजना तो बताएं
आरके इलेक्ट्रानिक से जावेद ने कहा कि सुनने में आ रहा है दुकानों के आगे की गैलरी में सीटिंग प्लान बनाकर रास्ते के उपयोग में लाया जाएगा। कोई भी अधिकारी स्पष्ट नहीं बोल रहा है। पहले तो यह बताएं कि वे करेंगे क्या? दुकानों के सामने अगर सफेद लाइन के अंदर भी कोई बाइक खड़ी होती है तो जुर्माना वसूल लेते हैं।

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नो वेंडिंग जोन पर ध्यान दें
गणेश लेदर के मालिक गणेश तिवारी ने कहा कि गोलघर नो वेंडिंग जोन घोषित है, लेकिन कभी इस पर ध्यान नहीं दिया गया। सबसे निरीह व्यापारी ही दिखता है। सड़क पर दुकानें लगती है उसे हटाकर आसानी से सड़क को उसके मूल स्वरूप में चौड़ा किया जा सकता है। लेकिन, ऐसा न करके व्यापारियों को परेशान किया जाता है।
 
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साइन बोर्ड लगाने पर किया गया चालान

सरावगी कलर लैब गौरीशंकर सरावगी ने कहा कि हर वर्ष अतिक्रमण का जिन्न बाहर आ जाता है। मैंने अपनी दुकान का बैनामा गैलरी सहित कराया हुआ है। लेकिन, जब अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चलता है तो हमेशा कहा जाता है कि आपने कब्जा कर रखा है। पिछली बार कागज दिखाया। कुछ नहीं मिला तो दुकान पर साइन बोर्ड लगा था उसे अतिक्रमण बताकर एक हजार रूपये जुर्माना लगा दिया गया।  

नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि सड़क पर किसी को दुकान लगाने की अनुमति नहीं है। सड़क आवागमन के लिए है। व्यापारियों का पत्रक मिला है। सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने को लेकर अभी कोई योजना नहीं है। जब भी कोई अभियान शुरू होगा, संवाद स्थापित करने के बाद ही किया जाएगा। व्यापारियों को पूरी जानकारी दी जाएगी।


 
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