थाइलैंड सातवां देश, जहां के विश्वविद्यालय के साथ डीडीयू ने किया एमओयू
गोवा में आयोजित क्यूएस समिट के दौरान दोनों संस्थानों ने परस्पर सहयोग के लिए मिलाया हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने थाइलैंड की शिनावात्रा यूनिवर्सिटी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। गोवा में आयोजित क्यूएस समिट के दौरान कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने सोमवार को एमओयू पर हस्ताक्षर किया। इसके तहत दोनों संस्थान अकादमिक क्षेत्र में परस्पर एक दूसरे का सहयोग करेंगे।
यह एमओयू पांच वर्ष के लिए प्रभावी होगा। आपसी समन्वय के आधार पर दोनों संस्थान भविष्य में इसका विस्तार कर सकेंगे। थाइलैंड सातवां देश है, जहां के विश्वविद्यालय से डीडीयू ने एमओयू किया है। इससे पहले अमेरिका, कनाडा, वियतनाम, मलेशिया, नेपाल और बांग्लादेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू हुआ है।
डीडीयू के इंटरनेशनल सेल के निदेशक डॉ. रामवंत गुप्ता ने बताया कि एमओयू के तहत दोनों संस्थान फैकल्टी-स्टूडेंट एक्सचेंज, ज्वाइंट डिग्री प्रोग्राम, ड्यूअल डिग्री प्रोग्रााम चलाएंगे। इसके अलावा विज्ञान, मानविकी एवं विधि विषयों में संयुक्त अनुसंधान, विशेषीकृत शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का विकास, अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों, सेमिनारों एवं कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाएगा।
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इसलिए अहम है यह एमओयू
दुनियाभर के शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग जारी करने वाली ''''क्यूएस'''' इस आधार पर भी अंक देती है कि कोई संस्थान कितने देशों के विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग कर रहा है। डीडीयू ने अब तक सात देशों के विश्वविद्यालयों से हाथ मिलाया है। स्वाभाविक रूप से इसका असर भविष्य में जारी होने वाली रैंकिंग में दिखेगा।
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वर्जनथाइलैंड में बड़ी संख्या में पूर्वांचल के लोग रहते हैं। ऐसे में सांस्कृतिक साझेदारी के साथ ही अकादमिक समझौते से दोनों संस्थानों को लाभ मिलेगा। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय समृद्ध बौद्धिक परंपरा को परिदृश्य से जोड़ने के लिए प्रयासरत है।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू