उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के शाहाबाद गांव में उस समय सभी गमगीन हो गए कि जब गांव का एक व्यक्ति ह्दयरोग व शुगर से पीड़ित था और इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। परिजन उसका अंतिम संस्कार करके अभी घर लौट ही रहे थे कि मां की भी मौत हो गई।
परिवार में एक भाई की भी तबीयत खराब चल रही है। एक ही परिवार में 24 घंटे के भीतर लगातार दो अर्थियां निकली तो कस्बे के लोग भी स्तब्ध रह गए। लोगों के अनुसार बीमार का इलाज भी कोई चिकित्सक करने का तैयार नहीं हो रहा है। जिससे लोगों में दहशत भी बना हुआ है। सीएमओ गांव में टीम भेजकर जांच कराने की बात कह रहे हैं।
बृजमनगंज क्षेत्र के शाहाबाद गांव निवासी 50 वर्षीय एक शख्स की पिछले काफी दिनों से तबीयत खराब चल रही थी। लोगों के अनुसार वह सर्दी-जुकाम से पीड़ित था। जबकि कुछ लोगों ने बताया कि वह मधुमेह व ह्दयरोग से भी ग्रसित थे।
शुक्रवार को परिजन उसे बृजमनगंज सीएचसी ले गए। हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने उसे इलाज के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे सिद्धार्थनगर के नौगढ़ स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां डॉक्टरों ने कहा कि पहले कोरोना की जांच होगी, फिर इलाज शुरू होगा।
गंभीर हालत को देखते हुए परिजन उसे लेकर लखनऊ के लिए चल दिए। वहां पहुंचने से पहले की रास्ते में उसकी मौत हो गई। शनिवार को परिजन उनका दाह संस्कार करके घर लौटे कि रात में करीब सात बजे 70 वर्षीय मां का भी निधन हो गया।
लोगों के अनुसार वह भी सांस रोग से पीड़ित थी। मां-बेटे के मौत के बाद दूसरे बेटे की तबीयत खराब चल रही है। जिसको लेकर लोगों में भय बना हुआ है। परिजनों के अनुसार उनका कोई भी डॉक्टर इलाज करने को तैयार नहीं हुआ।
सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि शाहाबाद में मां-बेटे की मौत की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम सहित आशा व एएनएम मौके पर पहुंची थीं। जांच के दौरान बेटा शुगर व मां की सदमे के कारण मौत होने का मामला सामने आ रहा है। एक को इलाज के लिए एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भेजा गया है। घटना की पूरी जांच कराई जाएगी।