अगर आपका वाहन 15 वर्ष की समयसीमा पूरी कर चुका है और आप उसके पंजीयन का नवीनीकरण कराने जा रहे हैं तो आपको ग्रीन टैक्स भी जमा करना होगा। ग्रीन टैक्स के दायरे में जिले में एक लाख से अधिक वाहन आ रहे हैं।
पुराने वाहनों से पर्यावरण को हो रहे नुकसान को देखते हुए शासन ने 15 साल की आयु पूरी कर चुके वाहनों पर ग्रीन टैक्स लगाया है। ग्रीन टैक्स के दायरे में प्रदेश में 56 लाख से अधिक वाहन आएंगे। बात अगर अपने जिले की करें तो यहां ग्रीन टैक्स के दायरे में 117724 वाहन आएंगे। जिसमें 95994 मोटरसाइकिल और स्कूटर, 4396 मोपेड एवं 17334 मोटर कार 15 साल की उम्र पूरी कर चुके हैं।
इन वाहनों के स्वामियों ने वाहनों की 15 साल की उम्र पूरी करने के बाद उनका पुन: पंजीयन नहीं कराया है। इन वाहनों का पंजीयन फिर से कराने पर पहली बार में लगे वाहन के पंजीयन शुल्क का 10 प्रतिशत धनराशि ग्रीन टैक्स के रुप में जमा करानी होगी।
क्या है ग्रीन टैक्स
सरकार का मानना है कि पुराने वाहनों से प्रदूषण ज्यादा होता है, जिससे पर्यावरण को काफी नुकसान हो रहा है। इसलिए प्रदूषण को कम करने के लिए और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए 15 वर्ष की समयसीमा पूरी कर चुके वाहनों के नवीनीकरण कराने पर ग्रीन टैक्स लिया जाता है। ग्रीन टैक्स से मिलने वाले राजस्व का उपयोग पर्यावरण संरक्षण में किया जाएगा।
ये वाहन ग्रीन टैक्स के दायरे से हैं बाहर
कुछ वाहन जो पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाते हैं या नहीं पहुंचाते हैं जैसे सीएनजी, एलपीजी, इथेनॉल, इलेक्ट्रिक गाड़ियां ऐसी गाड़ियों पर ग्रीन टैक्स नहीं लगाया जाता है। किसानों को भी इस टैक्स से मुक्त रखते हुए सरकार ने खेती-किसानी से जुड़े वाहनों जैसे ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, टिलर को भी ग्रीन टैक्स के दायरे से बाहर रखा है।
एआरटीओ प्रशासन श्यामलाल ने कहा कि जिले में एक लाख से अधिक वाहन अपनी 15 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं। जब इन वाहनों के मालिक अपने वाहन के पंजीयन का नवीनीकरण कराएंगे तो इन्हें 10 प्रतिशत शुल्क ग्रीन टैक्स के रुप में जमा कराना होगा।