बरात से पहले लड़की पक्ष के लोग मैरिज हॉल पहुंच गए। इस दौरान सभी को खाने के लिए रसमलाई दी गई। रसमलाई खाने के 20 मिनट बाद ही एक दो लोगों को उल्टी होने लगी। कुछ ही देर बाद एक-एक करके कई लोगों को उल्टी और दस्त होने लगी। इससे अफरातफरी मच गई।
आसपास के लोग बीरार लोगों को लेकर तत्काल पिपराइच सीएचसी पहुंचे, जहां पर एक-एक करके सभी बेड भर गए। 50 से अधिक लोगों का सीएचसी में इलाज चल रहा है। कुछ लोग निजी साधन से निजी अस्पतालों में इलाज के लिए गए हैं। कुछ बच्चों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
वहीं, सुमेर सागर की रहने वाली मंजू देवी अपने पति के साथ जिला अस्पताल आ गईं। इनके अलावा, रुस्तमपुर की पल्लवी (20), खुशी (23), अंश (12), लक्ष्मण (14), साधना (40), फरेंदा की प्रगति (23), नृपेंद्र (40), दीपांशी (7) भी बीमार हैं। इनका इलाज सीएचसी में चल रहा है। एसपी नार्थ ने बताया कि मैरिज हॉल को सील कर दिया गया है। खाने का सैंपल खाद्य विभाग की टीम ने लिया है। सैंपल जांच के बाद सही जानकारी मिल सकेगी। सूचना पर एसीएमओ डॉ. नंद कुमार भी मौके पर पहुंच गए थे।
गंभीर हालत देखते हुए पिपराइच सीएचसी से 30 से अधिक मरीजों को जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। करीब 15 मरीज एंबुलेंस से और बाकी अपने निजी साधन से जिला अस्पताल पहुंचे। एक एंबुलेंस से चार बच्चों के साथ उनकी मां मेडिकल कॉलेज पहुंंचीं।
बच्चों को लेकर 100 नंबर वार्ड में गईं तो डॉक्टरों ने भर्ती करने से इन्कार कर दिया। इस पर परिजन हंगामा करने लगे। तत्काल पुलिस मौके पर पहुंच गई और मरीजों को भर्ती कराया। बताया जा रहा है कि करीब 15 बच्चों का इलाज बीआरडी में चल रहा है।
जिला अस्पताल में इनका चल रहा इलाज
जिला अस्पताल में पिपराइच के रहने वाले दिलीप, विकास, पवन यादव, गोविंद, शेखर कुमार, अखिलेश, सनी, कमला देवी श्रीवास्तव, माधुरी श्रीवास्तव, राम बटन श्रीवास्तव, दिव्या श्रीवास्तव, लक्ष्य, अजय, अंजू श्रीवास्तव का इलाज चल रहा है। जिला अस्पताल में बीमार मरीजों का हाल जानने देर रात सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे और अस्पताल अधीक्षक डॉ. अंबुज पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि मरीजों की हालत खतरे से बाहर है।