डाकघर के जिन खातों में दस हजार रुपये जमा हैं, या पचास हजार रुपये से अधिक का निकासी कर चुके हों, उन्हें अपने खातों से आधार और पैन अनिवार्य रूप से जुड़वाना होगा। 3 अप्रैल को जारी शासनादेश में पैन कार्ड वाले खाताधारकों को भी निर्देश दिए गए हैं।
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14 लाख खातों में नहीं जुड़े हैं मोबाइल नंबर
एसएसपी मनीष कुमार ने बताया कि डाकघर के 14 लाख से अधिक खातों में मोबाइल नंबर नहीं दर्ज हैं। इन खातों पर भी कार्रवाई होगी। सरकार की तरफ से 1 अप्रैल 2023 से अगले छह महीनों में इन खाताधारकों को भी अपनी मोबाइल नंबर खाते में दर्ज करवाना होगा। नहीं करवाए तो खाता और उसकी धनराशि दोनों जब्त हो जाएगी।
फर्जी खाते भी हो जाएंगे बंद
डाकघर में पिछले दिनों पुराने खाते, जो बंद हो गए थे, उनसे रुपये के हेरफेर की बात सामने आई थी। तब जांच में सामने आया कि डेड खातों से डाककर्मी सांठगांठ कर रुपयों की निकासी कर लेते थे। उन खातों पर लंबे समय से कोई भी खातेदार दावे के लिए नहीं आते थे। अब आधार अनिवार्य हो जाने से ऐसे सभी खाते खुद बंद हो जाएंगे।
सरकार से किसी भी प्रकार की सब्सिडी लेते हैं, तो डाकघर के खाते को आधार से जरूर लिंक करवा लें। एसएसपी ने बताया कि ऐसे आधार का नंबर लिंक नहीं होने से खाताधारकों की सभी सब्सिडी भी बंद हो जाएगी। इससे उन्हें आर्थिक क्षति भी होगी।
आंकड़े
| कुल खाते |
आधार से जुड़े |
नंबर जोड़े गए |
| 18,28,071 |
7,36,231 |
4,17,282 |