विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं समस्त परिसरवासियों में से संक्रमित व्यक्तियों का विवरण रखने एवं होम क्वारंटीन, आइसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों के स्वास्थ्य की प्रतिदिन निगरानी करने एवं एक प्रारूप तैयार करने हेतु विश्वविद्यालय चिकित्साधिकारियों को नामित किया गया।
बिना पूर्व अनुमति के स्टेशन नहीं छोड़ने के निर्देश
विश्वविद्यालय परिसर को माइक्रो-कंटेनमेंट जोन मानते हुए 22 एवं 23 अप्रैल को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान विश्वविद्यालय की समस्त आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। कक्षाएं एवं अन्य अकादमिक गतिविधियां ऑनलाइन माध्यमों से जारी रहेंगी। प्रशासनिक कार्य जो ऑनलाइन संभव हों, चलते रहेंगे। कोई भी शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के स्टेशन नहीं छोड़ेंगे। आवश्यकता पड़ने पर किसी भी शिक्षक, अधिकारी/, कर्मचारी को कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुए भौतिक रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
विद्यार्थियों को लगवाया जाएगा टीका
एक मई से शुरू होने वाले टीकाकरण अभियान में परिसरवासियों विशेषकर छात्र-छात्राओं में शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने के लिए सहमति बनी। तय हुआ कि शासन की गाइडलाइन के मुताबिक टीका लगवाया जाएगा।