विश्वविद्यालय अपनी इस योजना को अगले सत्र से ही शुरू करने जा रहा है। इच्छुक विद्यार्थियों को इसके लिए आवेदन करना होगा और अपनी योजना को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और अपने विभाग के सामने प्रेजेंटेशन देना होगा। संतुष्ट होने पर अनुमति दी जाएगी।
एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि विद्यार्थियों के मन में स्टार्टअप शुरू करने को लेकर उठने वाली इच्छा दबने न पाए इसकी पूरी कोशिश की जा रही है। कोर्स के बीच में बिना किसी नुकसान के स्टार्टअप शुरू करने की सहूलियत देने के पीछे विश्वविद्यालय का यही उद्देश्य है।