फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुशखबर: एमएमएमयूटी बन सकता है राज्य का पहला डिजिटल विश्वविद्यालय, शासन ने मांगा फीडबैक

Tue, 22 Mar 2022 02:06 PM IST
vivek shukla राजन राय, गोरखपुर।

सार

कम्युनिटी चैनल, डिजिटल क्लास, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, एक क्लाउड सर्वर, जहां सारी चीजें आएंगी। कोर्स कैरिकुलम को मॉडीफाई करना होगा। विद्यार्थी अगर संस्थान बदलता है तो सेमेस्टर में मिलने वाले क्रेडिट को ट्रांसफर करना पड़ेगा। इसका बैकअप बनाना पड़ेगा।
विज्ञापन
MMMUT - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) राज्य का पहला डिजिटल विश्वविद्यालय बन सकता है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने डिजिटल यूनिवर्सिटी के लिए आवेदन की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब नैक की ए ग्रेड के लिए आवेदन करने का मौका दिया जाएगा। एमएमएमयूटी को नैक की ए ग्रेड मिलने की पूरी उम्मीद है।

विज्ञापन


दरअसल, डिजिटल यूनिवर्सिटी के लिए अभी तक नैक से ए प्लस ग्रेड की जरूरत थी। वहीं, नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) की 100 से नीचे रैंकिंग अनिवार्य है। प्रदेश में अभी तक किसी भी राज्य यूनिवर्सिटी के पास दोनों अर्हता नहीं हैं। नए नियम के तहत दोनों में एक की अर्हता होनी चाहिए।

एमएमएमयूटी में नैक की टीम मूल्यांकन के लिए निरीक्षण कर चुकी है। अब ग्रेडिंग मिलनी बाकी है। विश्वविद्यालय ने नैक की शर्तों पर अपना मूल्यांकन कराया है, जिसमें ए ग्रेड या इससे ऊपर मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा सभी विभागों में स्मार्ट क्लास तैयार है। अब उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म में तैयार करना है। इस संबंध में तैयारी चल रही है।  

शासन ने मांगा है फीडबैक

डिजिटल यूनिवर्सिटी के संबंध में सभी विश्वविद्यालयों से शासन ने फीडबैक मांगा है। सुझाव भी देने के लिए कहा गया है।

विज्ञापन


 

विज्ञापन

यह है डिजिटल यूनिवर्सिटी

डिजिटल यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों को कई तरह के कोर्स और डिग्रियों की शिक्षा ऑनलाइन उपलब्ध कराती है। डिजिटल यूनिवर्सिटी आवश्यक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेनिंग उपलब्ध कराने के लिए देश की अन्य केंद्रीय यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर काम करेगी। हब एंड स्पोक मॉडल नेटवर्क पर यूनिवर्सिटी को विकसित किया जाएगा। यह एक ऐसा मॉडल है, जिसमें सब कुछ सेंट्रेलाइज्ड हब से पैदा होता है और फिर अंतिम कंज्मपशन के लिए छोटे स्थानों यानी स्पोक तक जाता है।

ये संसाधन चाहिए

कम्युनिटी चैनल, डिजिटल क्लास, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, एक क्लाउड सर्वर, जहां सारी चीजें आएंगी। कोर्स कैरिकुलम को मॉडीफाई करना होगा। विद्यार्थी अगर संस्थान बदलता है तो सेमेस्टर में मिलने वाले क्रेडिट को ट्रांसफर करना पड़ेगा। इसका बैकअप बनाना पड़ेगा।

एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय डिजिटल बनने की तैयारी कर रहा है। जैसे ही विश्वविद्यालय को नैक की ग्रेडिंग प्राप्त होगी, इस दिशा में काम आरंभी होगा। डिजिटल यूनिवर्सिटी होने से संबद्ध कॉलेजों को भी फायदा होगा। विद्यार्थियों को भी डिजिटल एजुकेशन का लाभ मिलेगा। पढ़ाई सस्ती हो जाएगी और कॉलेजों को इंफ्रास्ट्रक्चर व फैकल्टी पर कम खर्च करना पड़ेगा।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें