यह है डिजिटल यूनिवर्सिटी
डिजिटल यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों को कई तरह के कोर्स और डिग्रियों की शिक्षा ऑनलाइन उपलब्ध कराती है। डिजिटल यूनिवर्सिटी आवश्यक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेनिंग उपलब्ध कराने के लिए देश की अन्य केंद्रीय यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर काम करेगी। हब एंड स्पोक मॉडल नेटवर्क पर यूनिवर्सिटी को विकसित किया जाएगा। यह एक ऐसा मॉडल है, जिसमें सब कुछ सेंट्रेलाइज्ड हब से पैदा होता है और फिर अंतिम कंज्मपशन के लिए छोटे स्थानों यानी स्पोक तक जाता है।
ये संसाधन चाहिए
कम्युनिटी चैनल, डिजिटल क्लास, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, एक क्लाउड सर्वर, जहां सारी चीजें आएंगी। कोर्स कैरिकुलम को मॉडीफाई करना होगा। विद्यार्थी अगर संस्थान बदलता है तो सेमेस्टर में मिलने वाले क्रेडिट को ट्रांसफर करना पड़ेगा। इसका बैकअप बनाना पड़ेगा।
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय डिजिटल बनने की तैयारी कर रहा है। जैसे ही विश्वविद्यालय को नैक की ग्रेडिंग प्राप्त होगी, इस दिशा में काम आरंभी होगा। डिजिटल यूनिवर्सिटी होने से संबद्ध कॉलेजों को भी फायदा होगा। विद्यार्थियों को भी डिजिटल एजुकेशन का लाभ मिलेगा। पढ़ाई सस्ती हो जाएगी और कॉलेजों को इंफ्रास्ट्रक्चर व फैकल्टी पर कम खर्च करना पड़ेगा।