गोरखपुर। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। समाजवादी पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशियों ने जिला विद्यालय निरीक्षकों पर वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधकों को कथित तौर पर दबाव में लेने का आरोप लगाया है।
भाजपा ने इन आरोपों को निराधार बताया है। वहीं, भाजपा के विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने शिक्षकों के मुद्दों को उठाते हुए अधिकारियों पर धमकाने का आरोप लगाया और शिक्षकों से निडर होकर मतदान करने की अपील की।
सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने आरोप लगाया कि आजमगढ़, मऊ और अन्य जिलों में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालयों की ओर से वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधकों को नोटिस जारी कर सूचनाएं मांगी जा रही हैं। उनका दावा है कि मतदान से ठीक पहले की जा रही इस कार्रवाई से शिक्षक मतदाताओं पर दबाव पड़ सकता है। प्रत्याशियों ने इस संबंध में कमिश्नर से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी ओर भाजपा के प्रदेश महासचिव और गोरखपुर क्षेत्र प्रभारी अभिजात मिश्रा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्षी प्रत्याशी अपनी हार की आशंका में ऐसे दावे कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव निर्वाचन आयोग की स्वतंत्र प्रक्रिया के तहत कराया जाता है और मतदाता अपनी इच्छा से मतदान करेंगे। उन्होंने विद्यालयों की मान्यता रद करने की धमकी दिए जाने के आरोपों को भी निराधार बताया।