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एमएलसी चुनाव: गोरखपुर विश्वविद्यालय से कल रवाना होंगी पोलिंग पार्टियां, 30 जनवरी को होगा मतदान

Sat, 28 Jan 2023 12:43 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

सोमवार यानी 30 जनवरी को सुबह आठ बजे से चार बजे तक मतदान होगा। इसके बाद गोरखपुर समेत निर्वाचन क्षेत्र में आने वाले सभी 17 जिलों की पोलिंग पार्टियां यूनिवर्सिटी के वाणिज्य संकाय में ही बने स्ट्रांग रूम में मतपेटियां रखने पहुंचेंगी।
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DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक (एमएलसी) निर्वाचन के लिए रविवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय से पोलिंग पार्टियां बूथों के लिए रवाना होंगी। शाम तक जिले के सभी 56 बूथों पर पार्टियां पहुंच जाएंगी।

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सोमवार यानी 30 जनवरी को सुबह आठ बजे से चार बजे तक मतदान होगा। इसके बाद गोरखपुर समेत निर्वाचन क्षेत्र में आने वाले सभी 17 जिलों की पोलिंग पार्टियां यूनिवर्सिटी के वाणिज्य संकाय में ही बने स्ट्रांग रूम में मतपेटियां रखने पहुंचेंगी। यहीं पर दो फरवरी को मतों की गिनती होगी।

सभी जिलों के बूथों पर वहीं के मुख्यालय से पोलिंग पार्टियां जाएंगी। गोरखपुर में शहर में 29 समेत कुल 56 बूथ बनाए गए हैं। इतनी ही पोलिंग पार्टियां भी तैनात की गई हैं। एक पोलिंग पार्टी में पीठासीन अधिकारी समेत चार कर्मचारी होंगे। 10 फीसदी कर्मचारी अतिरिक्त रखे गए हैं।
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सहायक निर्वाचन अधिकारी जगनारायण मौर्य ने बताया कि रविवार सुबह आठ बजे से सभी पोलिंग पार्टियां बूथों के लिए रवाना की जाएंगी। प्रत्येक बूथ के लिए एक गाड़ी लगाई गई है, जो पोलिंग पार्टियों को विश्वविद्यालय से लेकर जाएंगी और मतदान के बाद बूथों से यहां लाएंगी।

17 जिलों में कुल 321 बूथ बनाए गए हैं। इनमें गोरखपुर में 56 बूथ हैं। बैलेट बाक्स से मतदान कराया जाएगा। मतदान के लिए मुहर का इस्तेमाल नहीं होगा। वरीयता देने के लिए पेन उपलब्ध कराया जाएगा। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के तहत आने वाले कुल 17 जिलों से 2.48 लाख वोटर, प्रत्याशियों के भविष्य का फैसला करेंगे। इनमें 1.64 लाख पुरुष तो 84 हजार महिला मतदाता शामिल हैं।

ये फोटो पहचान दिखा कर सकेंगे मतदान
आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, राज्य/केंद्र सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय या अन्य निजी औद्योगिक घरानों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए सेवा पहचान पत्र, सांसदों/विधायकों/पार्षदों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र, शैक्षिक संस्थाओं, जिसमें संबंधित शिक्षक/स्नातक निर्वाचन नियोजित हो, द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र, विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री/डिप्लोमा का मूल प्रमाणपत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता संबंधी मूल प्रमाणपत्र, यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।

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