मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के फोरमैन इंस्ट्रक्ट्रर की नियुक्ति में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जो नियुक्ति अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से होनी चाहिए थी, उसे ग्रेड पे बदलकर सीधे कर दिया गया। अब कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित करके तीन दिन में रिपोर्ट तलब की है।
मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बनने के बाद शिक्षक, अधिकारी व कर्मचारियों के 37 पद सृजित किए गए। साफ किया गया कि फोरमैन इंस्ट्रक्ट्रर की नियुक्ति ग्रेड पे 4200 रुपये में होगी लेकिन इसका अनुपालन नहीं किया गया।
2017 में नियुक्ति का जो मानक तय किया गया, उसमें फोरमैन इंस्ट्रक्ट्रर का ग्रेड पे बढ़ाकर 4600 रुपये कर दिया गया। ऐसा करने से नियुक्ति का अधिकार विश्वविद्यालय प्रशासन को मिल गया। यही नहीं, फोरमैन इंस्ट्रक्ट्रर की नियुक्ति फरवरी 2019 में ही सातवां वेतन देने की भी मंजूरी भी दे दी गई।
ग्रेड पे बदलकर किया खेल
ग्रेड पे 4200 रुपये की नियुक्ति अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से होती है। अगर आयोग से नियुक्ति होती तो मन मुताबिक तैनाती नहीं दी जा सकती थी। लिहाजा, ग्रेड पे बदलकर 4600 रुपये कर दिया गया। इस ग्रेड पे पर नियुक्ति का अधिकार विश्वविद्यालय प्रशासन को मिल जाता है। फोरमैन इंस्ट्रक्ट्रर की नियुक्ति प्रक्रिया 2018 में पूरी हुई और 2019 में कार्यभार ग्रहण कराया था।