गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मिशन कर्मयोगी-साधना सप्ताह (नेशनल लर्निंग वीक) का उद्घाटन कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कार्य कुशलता ओर सेवा गुणवत्ता में सुधार जरूरी है। यह आयोजन इसके लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
उन्होंने बताया कि यह पहल क्षमता निर्माण आयोग एवं कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से संचालित है। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों में सतत अधिगम और कौशल विकास को प्रोत्साहित करना है। इस सप्ताह का मुख्य फोकस तीन महत्वपूर्ण विषयों जैसे प्रौद्योगिकी, परंपरा और ठोस परिणाम पर केंद्रित रहेगा। कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य सेवाओं में एआई, नैतिक आचरण और नागरिक केंद्रित सेवा वितरण जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर न्यूनतम चार घंटे का प्रशिक्षण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित पाठ्यक्रमों को भी इसी सप्ताह में पूर्ण करने पर जोर दिया गया है। इस दौरान विभिन्न विभागों की ओर से विचार-विमर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे और संस्थागत सुधार के लिए संकल्प नोट प्रस्तुत किए जाएंगे।