एक तरफ विभाग 30 लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। वहीं, दूसरी ओर होम आइसोलेट में रहने वाले या फिर संक्रमित होने वाले कई ऐसे भी मरीज हैं, जिनका कोई खोज खबर नहीं लेने वाला है। होम आइसोलेट होने वाले मरीजों को किससे संपर्क करना है, इसकी जानकारी तक नहीं दी गई है।
किसी तरह से मरीज नंबर ढूंढकर महकमे को फोन कर रहे हैं, तो उन्हें कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। इतना ही नहीं मरीजों को यह तक नहीं बताया जा रहा है कि वह कौन सी दवा का सेवन करें। ऐसे मरीजों की संख्या भी 200 से अधिक होगी, जिनके नंबर की जानकारी होते हुए भी विभाग ने संपर्क करने की जहमत नहीं उठाई।
जांच के लिए देना होगा आईडी प्रूफ
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि अब मरीजों को एंटीजन और आरटीपीसीआर से जांच कराने के लिए आईडी प्रूफ देना होगा। बिना आईडी प्रूफ की जांच नहीं कराई जाएगी। इसे लेकर शासन की ओर से निर्देश भी मिला है। यही वजह है कि अब स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच के लिए लोगों को आईडी प्रूफ देना पड़ रहा है।