पीपीगंज थाने के हिस्ट्रीशीटर व सपा नेता भोला उर्फ अखिलेश यादव के पीपीगंज रेलवे स्टेशन के पास के अवैध कब्जों पर बुधवार को बुलडोजर चला। इसी के साथ ही व्यापारी रमेश के अवैध कब्जे को भी जमींदोज कर दिया गया।
इसी को लेकर 6 अगस्त को मारपीट की घटना हुई थी। दरअसल, मारपीट के बाद पहुंचे एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर को अतिक्रमण की जानकारी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने रेलवे को पत्र लिखा था। वहीं, बुलडोजर के साथ टीम के पहुंचते ही भीड़ एकत्र हो गई थी, जिसे पुलिस ने खदेड़ा और कार्रवाई की है।
जानकारी के मुताबिक, 6 अगस्त को रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर विवाद में हिस्ट्रीशीटर भोला यादव ने अपने भतीजों के साथ मारपीट की थी। व्यापारी रमेश, उनके भाई अशोक और मां इंद्रावती पर लाठी-डंडे से हमला कर हाथ-पैर तोड़ दिया था।
इसके बाद इस मामले में केस दर्ज कर पुलिस ने अन्य आरोपियों को जेल भेजा था। बुधवार को हिस्ट्रीशीटर व मुख्य आरोपी भोला यादव को भी जेल भेजा गया। इसी बीच एसएसपी को जानकारी हुई थी कि रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कराया गया है। इस मामले में एसएसपी ने रेलवे को पत्र भेजा था।
रेलवे की ओर से जांच कर प्रशासन को रिपोर्ट भेजी गई। बुधवार को एसडीएम पंकज दीक्षित, सीओ अजय कुमार सिंह, इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार सिंह पुलिस टीम व बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की गई।
वहां पर भोला यादव ने टीनशेड तैयार कर उसमें कार्यालय बना लिया था। इसके अलावा व्यापारी रमेश भी टीनशेड बनाकर उसमें ऑटो पार्ट्स का कारोबार कर रहे थे। इसके अलावा चाय-पान की तीन गुमटियां भी थीं। सभी को जमींदोज कर दिया गया।