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DDU: प्रश्नपत्र में नहीं लिखा था माइनस मार्किंग, छात्रों ने किया हंगामा तो परीक्षा निरस्त

Fri, 12 Aug 2022 10:04 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

एमएड में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय व संबद्ध कॉलेजों के लिए बृहस्पतिवार को दो पालियों में सुबह 9 बजे से 11 बजे और दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी। पहली पाली में जब विद्यार्थियों ने प्रश्नपत्र देखा तो परेशान हो गए। उसमें लिखा था कि ‘माइनस मार्किंग नहीं है’।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को आयोजित एमएड की प्रवेश परीक्षा में लापरवाही सामने आई। प्रश्नपत्र में माइनस मार्किंग दर्ज नहीं था, एक घंटे बाद इसकी जानकारी मौखिक रूप से दी गई। इसके बाद छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। कई छात्रनेता धरने पर बैठ गए।
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बवाल बढ़ता देख शाम करीब चार बजे विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों पालियों की परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया। इसके बाद अभ्यर्थी वापस लौट गए। परीक्षा में करीब 1000 अभ्यर्थी बैठे थे।

एमएड में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय व संबद्ध कॉलेजों के लिए बृहस्पतिवार को दो पालियों में सुबह 9 बजे से 11 बजे और दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी। पहली पाली में जब विद्यार्थियों ने प्रश्नपत्र देखा तो परेशान हो गए। उसमें लिखा था कि ‘माइनस मार्किंग नहीं है’। जबकि, विवि की ओर से जारी नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया गया था कि माइनस मार्किंग रहेगा। विद्यार्थियों ने अपने-अपने कक्ष में इस बारे में जानना चाहा तो कुछ कक्ष में परीक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि जो पेपर में है, वही सही है। जबकि, कुछ कक्ष में विद्यार्थियों को पेपर शुरू होने के 15 मिनट से आधे घंटे के बाद बताया गया कि माइनस मार्किंग है।
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जिन कक्षों में विद्यार्थियों को पता नहीं चला, उन्होंने पेपर के हेड पर लिखे ‘माइनस मार्क नहीं है’ पर भरोसा करके सवाल हल किए। जबकि, कुछ विद्यार्थियों ने जिन सवालों के जवाब नहीं मालूम थे, उसे छोड़ दिया। दूसरी पाली की परीक्षा में जब छात्र आए तो तब उन्हें पूरे प्रकरण का पता चला। जिसके बाद दोपहर एक बजे कला संकाय भवन के नीचे जुटकर प्रदर्शन करने लगे। इसी बीच कुछ छात्रनेता भी पहुंच गए।

 
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चीफ प्रॉक्टर प्रो. सतीश चंद्र पांडेय और डीएसडब्ल्यू प्रो. अजय सिंह ने विद्यार्थियों से बात की। मामले में कमी स्वीकारते हुए उन्होंने बताया कि प्रथम पाली की परीक्षा निरस्त करने की जानकारी दी गई है। उधर, छात्रों ने दूसरी पाली की परीक्षा भी निरस्त करने की मांग की। उनका कहना था कि बहुत सारे छात्र लौट गए हैं। छात्रों के हंगामे को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट अंजनी कुमार सिंह भी पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों और विवि के प्रशासनिक अधिकारियों से बात की। शाम करीब चार बजे विवि प्रशासन ने दोनों पेपर निरस्त करने की घोषणा की, जिसके बाद परीक्षार्थियों ने धरना समाप्त किया।

इस मौके पर छात्रनेता योगेश प्रताप सिंह, आर्या यादव, अंकित पांडेय, गौतम यादव, यशपाल सिंह, दिनेश मौर्या, ओंकार पटेल, अरुण यादव आदि मौजूद रहे।

प्रश्नपत्र के निर्देशांक में कुछ त्रुटि थी। जिसके चलते छात्रों की मांग थी कि परीक्षा निरस्त की जाए। उनकी मांग को देखते हुए परीक्षा निरस्त कर दी गई है। जल्द ही परीक्षा की नई तिथि घोषित की जाएगी। -डॉ. महेंद्र कुमार सिंह, मीडिया एवं जनसंपर्क अधिकारी

पहले भी हो चुकी है चूक
विश्वविद्यालय में परीक्षा के दौरान इसके पहले भी लापरवाही सामने आ चुकी है। इसी वर्ष वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान एक के बाद एक तीन बार अलग-अलग तरह की चूक हुई थी। वार्षिक परीक्षाओं के दौरान 19 अप्रैल को बीए द्वितीय वर्ष के राजनीति शास्त्र की परीक्षा, 27 अप्रैल को बीए द्वितीय वर्ष के अंग्रेजी के पेपर और 11 जून को एमए द्वितीय सेमेस्टर के समाज शास्त्र की परीक्षा में भी लापरवाही सामने आई थी।
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