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दुग्ध विकास, पशुपालन एवं मत्स्य मंत्री संगोष्ठी में बोले, गाय, गंगा और गीता से ही होगा देश का विकास

Wed, 13 Jan 2021 06:23 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गोरखपुर महोत्सव के अन्तर्गत एनेक्सी भवन में आयोजित स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रिवेंटिव केयर का महत्व पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री जेपी सिंह, डॉ. सुरेखा किशोर,डॉ. प्रियंका डॉ.गणेश कुमार, डॉ. जर्नादन त्रिपाठी, डॉ.सुधाकर पांडेय व अन्य। - फोटो : अमर उजाला।
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जब गाय, गंगा और गीता इस देश में पूजे जाएंगे तभी इस देश का विकास होगा। यही हमारी संस्कृति का भी आधार है और गाय को इसीलिए हमारे शास्त्रों में गौधन कहा गया है। मुगल और ब्रिटिश काल में हमारे साथ छल किया गया। हमारी संस्कृति को नष्ट कर दिया गया। मुगल काल से पहले हमारे देश में भैंस का जिक्र कहीं नहीं आता है। भारतवर्ष में भैंस को मांस के लिए बाबर के काल में लाया गया। यह बातें उतर प्रदेश के दुग्ध विकास, पशुपालन एवं मत्स्य मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहीं।

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वह पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित गो संरक्षण, आत्मनिर्भर पशुपालक विषय एकदिवसीय संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कहा कि जिस वातावरण में गाय की जो नस्ल पनप सकती है वहां उसे प्राथमिकता दें।

मुख्य वक्ता कैंसर विशेषज्ञ डॉ. बल्लभ भाई कथीरिया ने कहा कि समृद्ध, सुखी और सशक्त भारत के निर्माण में गौ केंद्रित अर्थव्यवस्था की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी। गाय में विज्ञान भरा हुआ है और इसके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी हम सबकी है।

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पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान केंद्र मथुरा के कुलपति डॉ जीके सिंह ने कहा कि आज पशुपालन कृषि आधारित आर्थिकी को नियंत्रित करता है। भारत 196 मिलियन टन दुग्ध उत्पादन के साथ विश्व में सबसे आगे हैं। हमारा लक्ष्य है कि 2025 तक इसे 240 मिलियन टन तक ले जाना है।

नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सदस्य गुरु प्रसाद ने कहा कि हमें छोटे यंत्रों के विकास और गांव आधारित उत्पाद बनाने पर ध्यान देना होगा। झांसी से आए गो सेवा परिषद के श्याम बिहारी गुप्त ने गौमूत्र और गोबर से समृद्धि के सूत्र बताएं।

अतिथियों का स्वागत अपर निदेशक पशुपालन डॉ. टीपी मिश्रा, संचालन डॉ. संजय श्रीवास्तव और धन्यवाद ज्ञापन निदेशक पशुपालन डॉ. एसके मलिक ने किया। इस दौरान डॉ. डीके शर्मा, डॉ. विनय श्रीवास्तव, डॉ. राजेश त्रिपाठी, डॉ. संतोष जायसवाल, डॉ. सरोज चौधरी, डॉ. बालेंदु, डॉ. सुमित्रा त्रिपाठी, डॉ. पूजा, डॉ. सुमिता चौधरी मौजूद रहीं।
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