बड़ी संख्या में पैदल या अन्य वाहनों से अपने घर लौट रहे प्रवासी कामगारों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर मुख्यमंत्री योगी की सख्ती का असर रविवार को जिले की सीमा पर भी पूरे दिन दिखाई पड़ा। जिला प्रशासन ने सुबह ही पर्याप्त संख्या में कालेसर जीरो प्वाइंट पर बसें खड़ी करा दीं। जैसे-जैसे प्रवासी कामगार/ मजदूर वहां पहुंच गए उन्हें बसों में बैठाकर उनके घरों को भेजा गया। यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।
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- फोटो : अमर उजाला।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुज मलिक के मुताबिक रविवार को करीब 150 बसों से पांच हजार से अधिक कामगारों को कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, बिहार और बंगाल भेजा गया। सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए एक बस में 30 से 40 कामगारों को ही बैठाया गया। दूसरे प्रांतों के लोगों को बिहार की सीमा पर ही छोड़ दिया गया।
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कामगारों को उसके आगे के सफर का इंतजाम बिहार सरकार कराएगी। इसी तरह नेपाल के यात्रियों को सोनौली बार्डर पर छोड़ा गया। उधर, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब आदि प्रांतों से मजदूरों को लेकर आ रहे ट्रकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। कामगारों को बैठाकर आ रहे 15 ट्रकों को पुलिस ने सीज कर दिया। पांच ट्रकों का चालान भी किया गया।
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सुबह ही जम गए प्रशासन, पुलिस के अफसर
शनिवार की दोपहर कालेसर जीरो प्वाइंट पर बड़ी संख्या में एकत्रित हुए कामगारों की वजह से अव्यवस्था और हंगामा हो गया था। पुलिस और प्रशासन के सभी आला अफसर मौके पर पहुंचे मगर पहले से तैयारी नहीं होने की वजह से तमाम मजदूरों को अफसरों के सामने ही ट्रकों, मोटरसाइकिल, साइकिल से यात्रा करने को मजबूर होना पड़ा।
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उधर, शाम को जब मुख्यमंत्री ने सख्ती की तो रात में ही आरटीओ की मदद से कई बसें अधिगृहीत की गई। रोडवेज के अलावा स्कूली बसों को स्कूल परिसर से मंगाया गया। रविवार की सुबह ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व सहजनवां की एसडीएम अनुज मलिक, तहसीलदार लाल जी विश्वकर्मा के साथ ही बड़ी संख्या राजस्व कर्मचारियों- पुलिस ने जीरो प्वाइंट पर मोर्चा संभाला।
बाहर से आने वाले मजदूरों को वहीं रोका गया। उन्हें बिस्किट, पानी देने के साथ ही अलग-अलग रूटों पर जाने वाली बसों का एनाउंसमेंट शुरू हुआ और उसी के मुताबिक कामगारों और उनके परिवार को बैठाकर रवाना किया गया।
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गैलेंट समेत अन्य सामाजिक संगठनों ने दिए खाने के पैकेट
गैलेंट समूह की तरफ से कालेसर जीरो प्वाइंट पर शिविर लगाया गया। गैलेंट प्रतिनिधि दीपक शर्मा ने बताया कि कंपनी के महाप्रबंधक बीएम जोशी के नेतृत्व में बसों में भी भोजन के पैकेट बांटे गए।
बताया कि 28 मार्च से शहर के विभिन्न इलाकों में भोजन के पैकेट बांटे जा रहे थे मगर मांग कम होने पर तीन मई को इसे बंद कर दिया गया था। 12 मई से फिर से जीरो प्वाइंट पर रोजाना एक हजार लोगों को खाने के पैकेट दिए जा रहे।
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पैदल प्रवासियों को घर भेजने का इंतजाम करेगी विशेष टीम
सड़कों पर पैदल, ट्रक या किसी माल वाहन से जा रहे प्रवासियों पर पुलिस की विशेष टीम नजर रखेगी। इनके घर जाने का इंतजाम भी करेगी। शासन के आदेश पर जिले के हर थाने में टीम का गठन कर दिया गया है। यह टीम, अनाधिकृत रूप से ले जा रहे वाहनों पर कार्रवाई भी करेगी। एसएसपी के मुताबिक, टीम में एक उप निरीक्षक के अलावा कम से कम छह सिपाही शामिल किए गए हैं।
औरैया सहित कई जिलों तथा दूसरे प्रदेशों में हुए सड़क हादसे के बाद प्रदेश सरकार ने प्रवासी मजदूरों के पैदल घर लौटने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही ट्रकों या अन्य किसी मालवाहक की सवारी करने पर भी रोक लगा दी है। ट्रकों से प्रवासी मजदूरों को लाने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया गया है।