महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम व तृतीय सेमेस्टर की मिड टर्म परीक्षा को लेकर संशय के बादल छंट गए हैं। विश्वविद्यालय व 321 महाविद्यालयों में परीक्षाएं बुधवार से शुरू होंगी और एक लाख 95 हजार से अधिक विद्यार्थी परीक्षा देंगे। महाविद्यालयों को प्रश्नपत्र व कापियां उनके लिए निर्धारित 10 नोडल केंद्रों से प्राप्त होंगी। परीक्षा के बाद कापियां भी नोडल केंद्रों पर जमा करनी होंगी।
कोरोना के चलते बीते वर्ष मिड-टर्म एवं एंड-टर्म की परीक्षाएं एक साथ कराई गई थीं। सत्र नियमित करने का हवाला देकर विश्वविद्यालय इस वर्ष मिड टर्म परीक्षा पहले ही करा रहा है। परीक्षा के दौरान ही 15 नवंबर से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू करने की घोषणा भी विश्वविद्यालय प्रशासन कर चुका है।
हालांकि, गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने महाविद्यालयों पर सहयोग न करने का आरोप लगाया था और ऐसी स्थिति में उनकी परीक्षाएं बाद में कराने पर विचार करने की बात कही थी। लेकिन, मंगलवार को गतिरोध समाप्त हो गया। गुआक्टा ने भी पूरे प्रकरण पर चुप्पी साध ली।
नोडल सेंटर और उनसे संबद्ध कॉलेज
| सेंटर |
कालेजों की संख्या |
| दीनदयाल उपाध्याय गोविवि |
93 |
| बीआरडी कालेज, बरहज, देवरिया |
22 |
| बीआरडी कालेज, देवरिया |
27 |
| एमएम कालेज, भाटपार रानी देवरिया |
41 |
| संत विनोबा पीजी कालेज, देवरिया |
18 |
| बुद्ध पीजी कालेज, कुशीनगर |
41 |
| उदित नारायण कालेज, पड़रौना |
30 |
| श्यामेश्वर कालेज, सिकरीगंज, गोरखपुर |
20 |
| बापू पीजी कालेज, पीपीगंज, गोरखपुर |
13 |
| नेशनल पीजी कालेज, बड़हलगंज, गोरखपुर |
16 |
देर रात तक नोडल केंद्रों पर भेजी गईं कापियां व पेपर
महाविद्यालयों की मिड टर्म परीक्षा को लेकर कॉलेज प्रबंधकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी रही। देर शाम परीक्षा नियंत्रक ने व्हाट्सएप ग्रुप पर संदेश प्रसारित किया कि कापियां व पेपर नोडल सेंटर पर भेजे जा रहें हैं। जिसके बाद महाविद्यालयों का प्रबंधन तंत्र अपने-अपने कर्मचारियों को सहेजने में जुट गया। देर रात तक निर्धारित नोडल सेंटरों पर कॉपी व पेपर भेजा गया। बुधवार की सुबह ही कॉलेजों को यह रिसीव हो पाएगा। इससे दूर वाले महाविद्यालयों में परीक्षाओं के विलंब से शुरू होने की आशंका बढ़ गई है।