गोरखपुर जिले के चौरीचौरा इलाके में शुक्रवार को व्यापारी से ढाई लाख की लूट की घटना फर्जी निकली। जांच में पता चला कि कर्ज से परेशान होकर व्यापारी अजय पासवान ने लूट की फर्जी कहानी गढ़ी थी। उसने सोचा कि ऐसा करने पर पुलिस मोबाइल फोन नंबरों से जांच करेगी और फिर उससे तगादा करने वाले ही फंस जाएंगे।
मोबाइल फोन लोकेशन, जिन लोगों से रुपये वसूलकर जाने की बात कही गई, सबसे पूछताछ कर जांच के आधार पर पुलिस ने घटना का पर्दाफाश कर व्यापारी अजय को ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मुकदमे को जालसाजी में तब्दील कर वादी को आरोपी बनाया है।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने प्रेस कांफ्रेंस कर घटना का पर्दाफाश किया। एसपी ने बताया कि सरैया मरचहवा निवासी अजय पासवान ने 23 सितंबर को पुलिस को सूचना दी कि चार बदमाशों ने आंख में मिर्च पाउडर डालकर ढाई लाख रुपये लूट लिए। उसने बताया कि देवरिया के रुद्रपुर निवासी बुआ के लड़के हरेंद्र पासवान से दो लाख रुपये उधार लिए थे और 50 हजार रुपये एक अन्य व्यक्ति से लिया था।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में सजा मां का दरबार, भक्ति में लीन हुए भक्त
पुलिस ने दोनों को बुलाकर पूछताछ किया तो इन लोगों ने रुपये देने से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने अजय का मोबाइल लोकेशन निकाला, जो घटनास्थल पर था ही नहीं। इसके बाद पुलिस ने आरोपी से साक्ष्यों के साथ पूछताछ की तो उसने सच बता किया।
बताया कि बहन की शादी के लिए कई लोगों से उधार रुपये लिए थे। इसके अलावा एक जमीन में 10 लाख रुपये फंस गए हैं। प्रिंस से 10 लाख, रमेश से 80 हजार और दीपक से दो लाख लाख रुपये एक साल पहले ही लिया था। 18 लाख रुपये कर्ज में डूबे होने की वजह से वह परेशान था और इस वजह से उसने साजिश रची थी।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि लूट की घटना जांच में फर्जी मिली है। जांच और साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे को जालसाजी और झूठी सूचना देने में वादी मुकदमा अजय को आरोपी बनाया गया। अजय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।