संतकबीरनगर के मेंहदावल विधायक और पूर्व सांसद को हाईकोर्ट इलाहाबाद से राहत मिली है। एमपी-एमएलए कोर्ट की ओर से इन दोनों नेताओं के खिलाफ जारी तलबी आदेश को हाईकोर्ट ने जहां निरस्त कर दिया, वहीं पुलिस की ओर लगाई गई अंतिम रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है।
छह मार्च 2019 को प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला योजना समिति की बैठक चल रही थी। उसी दौरान भाजपा के पूर्व सांसद शरद त्रिपाठी और भाजपा के मेंहदावल विधायक राकेश सिंह बघेल के बीच विवाद हो गया था।
इस मामले में कलेक्ट्रेट के नाजिर सैयद नफीसउल हसन ने पूर्व सांसद शरद त्रिपाठी और विधायक राकेश सिंह बघेल तथा कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा में मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले में पुलिस की ओर से विवेचना के बाद अंतिम रिपोर्ट लगाई गई थी। विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए दीप कांत मणि ने पुलिस की विवेचना को तथा अंतिम रिपोर्ट को अस्वीकार करते हुए अग्रिम विवेचना कराए जाने का आदेश पारित किया था। अग्रिम विवेचना में भी पुलिस की ओर से कोई साक्ष्य न पाए जाने पर न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट पुनः प्रेषित की गई।