गोरखपुर जिले के चिलुआताल इलाके में धर्म छिपाकर छात्रा से दोस्ती कर उसे अगवा करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। जांच में पता चला है कि युवक ने छात्रा से दोस्ती करने के लिए अपना धर्म नहीं छिपाया था। इसके बाद पुलिस ने मुकदमे में धर्म छिपाने की धारा हटा दी है।
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी ने खुद को नेवी अफसर बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर छात्रा का शारीरिक शोषण किया है। छात्रा के बयान के आधार पर मुकदमे में नौकरी के नाम पर जालसाजी और दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी गई है। आरोपी कर्नाटक निवासी महबूब को पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, चिलुआताल इलाके के निवासी सेवानिवृत्त सैन्य कर्मी की बेटी बीते चार जनवरी को घर से लापता हो गई थी। 11 जनवरी को छात्रा के पिता की तहरीर पर पुलिस ने कर्नाटक, बीजापुर के इंडी निवासी महबूब के खिलाफ अपहरण व उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश-2020 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस को दी तहरीर में सेवानिवृत्त सैन्य कर्मी ने बताया था कि चार जनवरी को वह नाबालिग बेटी को कॉलेज छोड़ने गए थे। इसके बाद बेटी लापता हो गई। पांच जनवरी को उन्होंने गुमशुदगी दर्ज कराई। छानबीन करने पर पता चला कि महबूब नाम का एक युवक उनकी बेटी के संपर्क में था। खुद को हिंदू बताकर उसने बेटी से दोस्ती की। नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसे अगवा कर लिया है।